कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने देशभर में राष्ट्रगान को लेकर चल रहे विवाद पर सरकार पर जमकर हमला बोला। इमरान मसूद ने कहा कि इन्होंने राष्ट्रगान का अपमान किया है। राष्ट्रगान पहले 51 सेकेंड का था , लेकिन इन्होंने राष्ट्रगीत को 3 मिनट 21 सेकेंड तक लाकर राष्ट्रगान का अपमान कर दिया। कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई चल रही है। एक विचारधारा में हिंसा, जाति और धर्म के नाम पर नफरत है, जबकि दूसरी तरफ महात्मा गांधी और बाबा साहब अंबेडकर की विचारधारा है, जो पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों को समान अधिकार और बराबरी का दर्जा देने की बात करती है।
‘UP में 5 हजार और देश में 90 हजार सरकारी स्कूल बंद किए’
सहारनपुर में इमरान मसूद ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में लगातार पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं और इसके लिए व्यवस्था में बैठे गलत लोगों को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि अगर युवा शिक्षित होगा तो रोजगार मांगेगा। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में करीब 5 हजार और देश में करीब 90 हजार सरकारी स्कूल बंद हुए हैं। बच्चों और अभिभावकों के सामने अब क्या विकल्प बचा है। मसूद ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि झूठे वादों और सपनों से जनता को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरक्षण को खत्म करने की दिशा में काम किया जा रहा है। साथ ही सरकारी कामकाज को ठेके पर देने से आरक्षण के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
सब मिलकर चुनाव लड़ेंगे- इमरान मसूद
राष्ट्रगान और वंदे मातरम को लेकर भी इमरान मसूद ने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान के सम्मान को लेकर सुप्रीम कोर्ट की तय व्यवस्था का पालन होना चाहिए और राष्ट्रगान के साथ किसी तरह का व्यवधान नहीं होना चाहिए। उन्होंने वंदे मातरम के पुराने स्वरूप और देश की विरासत का जिक्र करते हुए टैगोर, सुभाष चंद्र बोस, सरदार पटेल और महात्मा गांधी का नाम लिया। साथ ही श्यामा प्रसाद मुखर्जी और मुस्लिम लीग के साथ सरकार में रहने के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि इतिहास को झुठलाया नहीं जा सकता। आगामी चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि पूरी तैयारी है और चुनाव में मिलकर लड़ने के विषय पर समय आने पर चर्चा होगी।















