स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ ने जनकल्याण की दिशा में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। राज्य में प्रति परिवार प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर प्रदान करने वाली इस योजना के तहत पिछले सात महीनों में 6 लाख से अधिक उपचार सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं। गंभीर और महंगी चिकित्सा के डर से लोगों को मुक्त करने वाली इस योजना से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है।
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक 26 लाख से अधिक लाभार्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है और लगभग 3.02 लाख से अधिक मरीजों ने इसका लाभ उठाया है। योजना के दायरे में डायलिसिस से लेकर कैंसर, हृदय रोग और हड्डी व जोड़ के जटिल उपचार शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक, योजना के तहत 60,504 से अधिक कैंसर के मामले और लगभग 2 लाख डायलिसिस उपचार दर्ज किए गए हैं, जिन पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। इसके अलावा हृदय संबंधी बीमारियों और नी-रिप्लेसमेंट जैसी सर्जरी के लिए भी बड़े पैमाने पर वित्तीय सहायता दी गई है।
इस योजना का लाभ सरकारी और निजी दोनों प्रकार के सूचीबद्ध अस्पतालों में मिल रहा है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि यह योजना गंभीर बीमारियों से जूझ रहे परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है, जिससे उन्हें महंगे उपचार के आर्थिक बोझ से मुक्ति मिल रही है। पटियाला, बठिंडा, लुधियाना और जालंधर जैसे जिलों में इस योजना के तहत सबसे अधिक मरीजों का इलाज किया गया है।
योजना से लाभान्वित होने वाले मरीजों और उनके परिजनों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए सरकार के इस कदम की सराहना की है। लाभार्थियों का कहना है कि इस कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा के कारण उन्हें गंभीर बीमारी के समय पैसों की चिंता नहीं करनी पड़ी, जिससे उन्हें एक नई जिंदगी और उम्मीद मिली है।














