नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े इम्पीरिया ग्रुप पर प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ा शिकंजा कसा है। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में इम्पीरिया विशफील्ड प्राइवेट लिमिटेड और इम्पीरिया स्ट्रक्चर्स लिमिटेड से जुड़े दिल्ली और गुरुग्राम के 8 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई के दायरे में पहली बार ग्रुप के प्रमोटर बत्रा ब्रदर्स आए हैं, जिससे गुरुग्राम के कारोबारी गलियारों में हड़कंप मच गया है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, इम्पीरिया ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर हरप्रीत सिंह बत्रा और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर की गई इस कार्रवाई के दौरान 50.50 लाख रुपये नकद, तीन महंगी लग्जरी गाड़ियां, कई डिजिटल उपकरण और खरीदारों के निवेश से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं। आरोप है कि होमबॉयर्स (खरीदारों) के पैसों का बड़े पैमाने पर फंड डायवर्जन किया गया था, जिसकी वित्तीय अनियमितताओं की गहन जांच की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला निवेशकों के साथ धोखाधड़ी और फंड के हेरफेर से जुड़ा हुआ है। ईडी की इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई से रियल एस्टेट सेक्टर में अवैध गतिविधियों में संलिप्त अन्य बिल्डर्स में भी हड़कंप मच गया है। एजेंसी जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।















