मानसून का नाम आते ही बॉलीवुड में सबसे पहले जो गाना जेहन में आता है, वह है फिल्म ‘गुरु’ का ‘बरसो रे मेघा-मेघा’। ऐश्वर्या राय पर फिल्माया गया और श्रेया घोषाल की सुरीली आवाज में सजा यह गाना आज भी म्यूजिक लवर्स की पहली पसंद बना हुआ है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस गाने को खास बनाने के पीछे मणिरत्नम की एक बेहद चुनौतीपूर्ण सोच थी?
असली बारिश का असली अनुभव
ज्यादातर बॉलीवुड गानों में बारिश के दृश्यों के लिए कृत्रिम बारिश (Artificial Rain) का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन ‘बरसो रे मेघा-मेघा’ के लिए टीम ने बिल्कुल अलग रास्ता चुना। डायरेक्टर मणिरत्नम दर्शकों को एक दम ‘रियल एक्सपीरियंस’ देना चाहते थे, जिसके लिए पूरी शूटिंग केरल की नेचुरल लोकेशंस पर की गई। क्रू ने जानबूझकर असली मानसून के दौरान शूटिंग की ताकि प्राकृतिक बारिश, झरने और बादलों का दृश्य बनावटी न लगे।
दिग्गजों का संगम
2007 में रिलीज हुई मणिरत्नम की फिल्म ‘गुरु’ का यह ट्रैक उस दौर का ब्लॉकबस्टर गाना साबित हुआ। इसे मशहूर गीतकार गुलजार ने लिखा था, जबकि संगीत की बागडोर ए.आर. रहमान ने संभाली थी। इस गाने की शानदार कोरियोग्राफी दिग्गज सरोज खान ने की थी। यह गाना फिल्म के किरदार ‘सुजाता’ (ऐश्वर्या राय) की भावनाओं को खूबसूरती से बयां करता है, जब वह अपने जीवन के एक बड़े फैसले की ओर कदम बढ़ाती है।
अवर्ड्स की बौछार
इस गाने ने न केवल दर्शकों का दिल जीता, बल्कि इसे आलोचकों की भी खूब सराहना मिली। श्रेया घोषाल को अपनी जादुई आवाज के लिए ‘फिल्मफेयर बेस्ट प्लेबैक सिंगर’ (फीमेल) का खिताब मिला। आज भी जब पहली बारिश की बूंदें गिरती हैं, तो यह गाना हर प्लेलिस्ट में सबसे ऊपर दिखाई देता है। केरल की हरियाली और असली बारिश में भीगी ऐश्वर्या राय का वह अंदाज, आज भी इस गाने को बॉलीवुड के बेहतरीन मानसून गानों की श्रेणी में शीर्ष पर रखता है।















