लखनऊ: समाजवादी पार्टी के विधायक कमाल अख्तर के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफे के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में घमासान थमता नजर नहीं आ रहा है। इस पूरे विवाद के केंद्र में रहीं मुरादाबाद की नवनिर्वाचित सपा सांसद रुचि वीरा ने अब बिजनौर दौरे के दौरान इस मामले पर एक और बेहद बड़ा और आक्रामक बयान दिया है। रुचि वीरा ने खुलकर स्वीकार किया है कि उन्होंने ही विधायक कमाल अख्तर की शिकायत राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से की थी और इस इस्तीफे को आलाकमान की ‘उचित कार्रवाई’ बताया है।
अखिलेश यादव का जताया आभार, कहा- महिलाओं का करते हैं सम्मान
बिजनौर में मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए सांसद रुचि वीरा ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा, “मैं हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय अखिलेश यादव जी का दिल से आभार व्यक्त करती हूं। मैंने खुद उनसे मिलकर स्थानीय स्तर पर हो रही गुटबाजी और बैठकों में दरकिनार किए जाने की शिकायत की थी। राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ने मामले की गंभीरता को समझा और उस पर त्वरित व उचित कार्रवाई की है।” रुचि वीरा ने भावुक होते हुए आगे कहा कि अखिलेश यादव हमेशा महिलाओं का सम्मान करते हैं और उन्होंने संगठन के भीतर महिला जनप्रतिनिधि की गरिमा को बरकरार रखा है।
भाजपा पर साधा निशाना, बताया पार्टी का अंदरूनी मामला
इस पूरे मुद्दे पर हो रही विपक्षी घेराबंदी और राजनीतिक बयानबाजी का जवाब देते हुए रुचि वीरा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ लोग और खासकर भाजपा के नेता इस मुद्दे को जरूरत से ज्यादा उछालने और हवा देने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “यह पूरी तरह से समाजवादी पार्टी का अंदरूनी मामला है। परिवार के भीतर और संगठन के काम-काज में कुछ वैचारिक मतभेद या शिकायतें होती हैं, जिन्हें हमारे शीर्ष नेतृत्व ने बैठकर सुलझा लिया है। इसमें किसी तीसरे दल को राजनीति ढूंढने की आवश्यकता नहीं है।” सांसद के इस ताजा बयान से यह पूरी तरह साफ हो गया है कि कमाल अख्तर का इस्तीफा महज एक संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि रुचि वीरा की शिकायत पर आलाकमान द्वारा लिया गया एक बड़ा अनुशासनात्मक एक्शन है।












