पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के रावलकोट में पिछले 22 दिनों से पाकिस्तानी हुकूमत और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार के खिलाफ एक बड़ा जन-आंदोलन चल रहा है। इस इलाके में पाकिस्तान के जबरन नियंत्रण और दमनकारी नीतियों के खिलाफ हजारों स्थानीय लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। रावलकोट के ऐतिहासिक ईदगाह ग्राउंड में आयोजित एक विशाल विरोध-प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और स्थानीय नेताओं ने दो टूक लहजे में एलान किया है कि इस पूरे क्षेत्र को अब पाकिस्तान के कंट्रोल में नहीं माना जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनके हालात नहीं सुधरे, तो वे भारत के साथ जुड़ने का कदम उठा सकते हैं।
सेना प्रमुख आसिम मुनीर को मानने से इनकार, ‘तानाशाह’ बताया
इस विरोध-प्रदर्शन की अगुवाई नागरिक अधिकार कार्यकर्ता सरदार अमन खान सहित कई स्थानीय नेता कर रहे हैं। यह आंदोलन तब और उग्र हो गया जब पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस इलाके में खाने-पीने की चीजें और अन्य जरूरी सामानों की सप्लाई पर पिछले दो हफ्तों से रोक लगा दी। प्रदर्शन के दौरान सामने आए वीडियो में लोगों का गुस्सा साफ देखा जा सकता है, जहां उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को अपना जनरल मानने से साफ इनकार कर दिया है। लोगों का कहना है कि वे किसी भी सैन्य तानाशाह को बर्दाश्त नहीं करेंगे। सरदार अमन खान ने दावा किया कि भौगोलिक और आर्थिक रूप से पाकिस्तान को इस इलाके की ज्यादा जरूरत है, न कि यहां के लोगों को पाकिस्तान की।
पाबंदियां जारी रहीं तो भारत से मांगेंगे मदद: सरदार अमन खान
बीती 9 जून से लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास भी एक अलग धरना-प्रदर्शन चल रहा है। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सरदार अमन खान ने अपने समर्थकों से कहा कि अगर खाने-पीने और बुनियादी चीजों पर पाकिस्तानी प्रशासन की पाबंदियां इसी तरह जारी रहीं, तो यहां के लोग मदद के लिए सीधे भारत की ओर रुख कर सकते हैं। उन्होंने साफ किया कि भारत से मानवीय या राजनीतिक मदद मिलने पर इस पूरे क्षेत्र के राजनीतिक हालात बदल जाएंगे, जिससे इस्लामाबाद और पाकिस्तानी सेना पर भारी अंतरराष्ट्रीय दबाव बनेगा।
यह विरोध केवल PoK तक ही सीमित नहीं है, बल्कि विदेशों में रहने वाले कश्मीरी प्रवासियों ने भी कई देशों में स्थित पाकिस्तानी दूतावासों और राजनयिक मिशनों के बाहर जोरदार प्रदर्शन कर इस आंदोलन को वैश्विक स्तर पर पहुंचा दिया है।














