रायबरेली: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले से एक बेहद संवेदनशील और बड़ी खबर सामने आई है। यहां एक सड़क हादसे में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो जाने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने मंगलवार सुबह सलोन-रायबरेली राष्ट्रीय राजमार्ग को पूरी तरह जाम कर उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते प्रदर्शन हिंसक रूप ले लिया और भीड़ की तरफ से किए गए भारी पथराव में कई पुलिसकर्मी, राहगीर तथा मीडियाकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
शनिवार को हुआ था हादसा, हत्या का मुकदमा दर्ज
जानकारी के अनुसार, पूरे कुशल गांव के रहने वाले मेवालाल शनिवार की रात एक बुलेट मोटरसाइकिल की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल और फिर हालत नाजुक होने पर लखनऊ रेफर किया गया था। लखनऊ में उपचार के दौरान सोमवार की देर शाम मेवालाल ने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही देर रात परिजनों ने कोतवाली का घेराव किया और दुर्घटना को साजिश बताते हुए गांव के ही तीन लोगों के खिलाफ हत्या की तहरीर दी। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तीन लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया था।
प्रशासन के समझाने के बीच अचानक भड़की हिंसा
सोमवार रात को शांत हुए ग्रामीण मंगलवार की सुबह अचानक भारी संख्या में सलोन-रायबरेली हाईवे पर एकत्र हो गए और मृतक का शव सड़क पर रखकर आर्थिक सहायता व आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने लगे।
सूचना पाकर उपजिलाधिकारी मिथिलेश त्रिपाठी और क्षेत्राधिकारी यादवेंद्र पाल कई थानों की पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जब अधिकारी प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास कर रहे थे, तभी कुछ शरारती तत्वों ने माहौल बिगाड़ दिया और अचानक पथराव शुरू हो गया। अचानक हुए इस हमले में पुलिस बल को पीछे हटना पड़ा और कई जवान चोटिल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का दौर जारी है, लेकिन करीब चार घंटों से हाईवे पर आवागमन पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है।













