Patna : बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और राजद नेता राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला खाली करने का जो नोटिस मिला था, उस पर चल रहा सियासी और प्रशासनिक विवाद अब एक नए तकनीकी मोड़ पर आकर खड़ा हो गया है। सरकारी नोटिस के मुताबिक, सोमवार यानी आज आवास खाली करने का आखिरी दिन है। राबड़ी देवी को आवंटित नए घर में सामान की शिफ्टिंग भी शुरू हो चुकी थी, लेकिन इसी बीच एक नया कानूनी और प्रशासनिक पेच फंस गया है, जिससे आज बंगला पूरी तरह खाली होने की उम्मीद बेहद कम है।
सामान की आधिकारिक लिस्ट को लेकर फंसा मामला
पूरा मामला आवास आवंटन के समय दिए गए सरकारी सामान और फर्नीचर के मिलान से जुड़ा है। राबड़ी देवी के आप्त सचिव ने भवन निर्माण विभाग के सचिव को एक आधिकारिक पत्र लिखा है। इस पत्र में 22 जून को विभाग द्वारा भेजे गए अंतिम खाली करने के नोटिस का हवाला दिया गया है। पत्र में शिकायत की गई है कि 24 जून को जब भवन निर्माण विभाग की टीम आई थी, तब आवास आवंटन के समय दिए गए सामानों की कोई आधिकारिक सूची साथ नहीं संलग्न की गई थी।
आप्त सचिव का कहना है कि 10 सर्कुलर आवास खाली करने के बाद भविष्य में सरकारी सामान को लेकर किसी भी प्रकार का भ्रम, विवाद या वित्तीय रिकवरी की स्थिति पैदा न हो, इसलिए खाली करने से पहले एक-एक सामान का आधिकारिक मिलान जरूरी है। इसके लिए विभाग से आवंटन के वक्त की ओरिजिनल लिस्ट मुहैया कराने की मांग की गई है।
20 साल पुराने रिकॉर्ड पर खींचतान, मांगा अतिरिक्त समय
गौरतलब है कि यह आवास राबड़ी देवी को साल 2006 में आवंटित किया गया था। अब लगभग 20 साल पुराने रिकॉर्ड और सामान की लिस्ट को ढूंढने और उसका भौतिक मिलान करने को लेकर दोनों पक्षों में खींचतान शुरू हो गई है। इसी प्रशासनिक प्रक्रिया और मिलान को पूरा करने का हवाला देते हुए राबड़ी देवी के पक्ष से विभाग से कम से कम 5 जुलाई तक का अतिरिक्त समय मांगा गया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भवन निर्माण विभाग इस मांग को स्वीकार करते हुए समय सीमा बढ़ाता है या आज ही कोई सख्त कदम उठाता है।















