उत्तर प्रदेश की सियासत में बयानों के तीर एक बार फिर बेहद पैने हो गए हैं। मुरादाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर सीधे हमले के बाद सूबे का राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि और अयोध्या राम मंदिर के मुद्दों को लेकर दोनों शीर्ष नेताओं के बीच शुरू हुआ जुबानी वार-पलटवार अब सोशल मीडिया से लेकर गलियारों तक चर्चा का मुख्य विषय बन चुका है।
सीएम योगी ने ललकारा: श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर खुलकर बोलिए
मुरादाबाद में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष, विशेषकर अखिलेश यादव पर निशाना साधा। अयोध्या और काशी के विकास का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने मंच से हुंकार भरी और कहा, “अयोध्या और काशी में विरासत का विकास पूरी दुनिया देख रही है। अब बारी हमारे बांके बिहारी की है। अखिलेश जी को श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे पर अपना रुख साफ करना चाहिए। वह इस पर खुलकर क्यों नहीं बोलते?” सीएम योगी ने साफ किया कि सरकार सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों के पुनरुद्धार की नीति पर बिना रुके आगे बढ़ रही है।
अखिलेश का तीखा पलटवार: राम जी का चढ़ावा चोरी के बाद कन्हैया का माखन चुराएंगे?
मुख्यमंत्री के इस बयान पर प्रतिक्रिया देने में अखिलेश यादव ने भी देर नहीं की। उन्होंने सीएम योगी के ‘बांके बिहारी’ वाले बयान को आड़े हाथों लेते हुए हाल ही में अयोध्या में सामने आए राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले से जोड़कर बेहद तीखा हमला बोला। अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए कहा, “राम जी का चढ़ावा चोरी करने के बाद अब कन्हैया का माखन चुराने का प्लान है क्या?”
अखिलेश यादव का इशारा हाल ही में अयोध्या में सामने आए कथित दान चोरी सिंडिकेट और उसमें उठे विवादों की तरफ था। दोनों नेताओं के इन बयानों के बाद सोशल मीडिया पर दोनों दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए हैं। जहां भाजपा इसे विपक्ष का धार्मिक मुद्दों से भागना बता रही है, वहीं सपा इसे सरकार की विफलताओं और हालिया विवादों से ध्यान भटकाने की कोशिश करार दे रही है। इस नए राजनीतिक विवाद ने आने वाले दिनों के लिए उत्तर प्रदेश की सियासी जंग को और ज्यादा आक्रामक बना दिया है।












