अहमदाबाद : अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने अपने 64वें जन्मदिन के विशेष अवसर पर ‘वंदे भारतम’ (Vande Bharatam) नाम से एक व्यापक और महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय पहल की शुरुआत की है। इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पूरे भारत—विशेष रूप से महानगरों से दूर छोटे कस्बों, उभरते शहरों और ग्रामीण समुदायों के इनोवेटर्स, एंटरप्रेन्योर्स (उद्यमियों) और प्रॉब्लम-सॉल्वर्स की पहचान करना तथा उन्हें आगे बढ़ने के लिए जरूरी संसाधन और मंच प्रदान करना है। यह प्रोग्राम देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 800 से अधिक जिलों में कई भारतीय भाषाओं में संचालित किया जाएगा।
आवेदन प्रक्रिया 24 जून से आधिकारिक वेबसाइट शुरू हो गई है
बता दे कि आज भारत दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम में से एक बन चुका है, लेकिन इसके बावजूद एक कड़वा सच यह है कि देश के 80 प्रतिशत से ज्यादा स्टार्टअप फाउंडर्स सिर्फ पांच बड़े महानगरों से निकल रहे हैं। इसके चलते देश के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों के उभरते हुए इनोवेटर्स विजिबिलिटी, सही मेंटरशिप और मजबूत नेटवर्क की पहुंच से दूर रह जाते हैं। ‘वंदे भारतम’ इसी खाई को पाटने का काम करेगा।
यह पहल किसी भी उम्र, शैक्षणिक पृष्ठभूमि या पेशे के व्यक्ति के लिए खुली है। इसमें भाग लेने के लिए किसी रजिस्टर्ड स्टार्टअप का होना जरूरी नहीं है; प्रतिभागी अपने किसी आइडिया, प्रोटोटाइप, शुरुआती स्टेज के वेंचर या पहले से स्थापित बिजनेस मॉडल के साथ इसमें आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया 24 जून से आधिकारिक वेबसाइट vandebharatam.org पर शुरू हो चुकी है।
अनूठी पहल को लॉन्च करते भावुक हुए गौतम अडानी
इस अनूठी पहल को लॉन्च करते हुए गौतम अडानी ने भावुक होते हुए कहा, “जब मैंने अपना सफर शुरू किया था, तो मेरे पास कुछ भी नहीं था। मैं जो कुछ भी हूं और जो कुछ भी मैंने हासिल किया है, वह मुझे भारत की मिट्टी ने दिया है। हमारे देश में टैलेंट की कोई कमी नहीं है, लेकिन मौके हमेशा देश के हर कोने तक नहीं पहुंचे हैं। वंदे भारतम हमारी कोशिश है उन इनोवेटर्स और एंटरप्रेन्योर्स को खोजने की जिनके आइडियाज को पहचान, सपोर्ट और एक बड़ा प्लेटफॉर्म मिलना चाहिए। अगर मैं यह कर सकता हूं, तो कोई भी भारतीय कर सकता है। उन्हें बस एक अवसर और एक मंच की जरूरत है।”
इस प्रोग्राम के तहत टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, सस्टेनेबिलिटी, एग्रीकल्चर, पारंपरिक क्राफ्ट और कम्युनिटी-लेड सॉल्यूशन सहित कई सेक्टर्स से एंट्रीज आमंत्रित की गई हैं। इसमें महिला, ट्राइबल, रूरल और दिव्यांग एंटरप्रेन्योर्स के लिए विशेष रास्ते (डेडिकेटेड पाथवे) बनाए गए हैं। एक कड़े और स्ट्रक्चर्ड इवैल्यूएशन प्रोसेस के बाद देश भर से 75 फाइनलिस्ट का चयन किया जाएगा, जिन्हें अहमदाबाद में आयोजित होने वाले एक सघन मेंटरशिप प्रोग्राम में शामिल होने का अवसर मिलेगा। इस दौरान उन्हें देश के बड़े बिज़नेस लीडर्स और इन्वेस्टर्स से सीधे जुड़ने का मौका मिलेगा। इस महा-अभियान का ग्रैंड फिनाले स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के आसपास आयोजित किया जाएगा, जो देश में उद्यमिता और नवाचार के एक नए युग की शुरुआत करेगा।














