गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे बन रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (IMLC) अब सिर्फ इंफ्रा प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि देश का सबसे बड़ा ‘हाई-इंसेंटिव इंडस्ट्रियल कॉरिडोर’ बनकर उभर रहे हैं। योगी सरकार ने निवेशकों के लिए बहुस्तरीय प्रोत्साहन नीति लागू कर दी है। सब्सिडी, टैक्स छूट, सिंगल विंडो सिस्टम और PLI टॉप-अप से गंगा एक्सप्रेसवे निवेश का नया हब बन रहा है।
निवेशकों को क्या मिलेगा ?
➤ कैपिटल सब्सिडी 42% तक: एलिजिबल कैपिटल इनवेस्टमेंट पर 42% तक सब्सिडी। साथ ही 100% नेट SGST रिइम्बर्समेंट ECI के 300% तक। लागत में बड़ी राहत।
➤ FDI और जमीन पर बंपर छूट: सरकारी जमीन पर 80% तक फ्रंट-एंड लैंड सब्सिडी, कैपिटल सब्सिडी 35% तक। IMLC में 100% स्टाम्प ड्यूटी छूट। जमीन अधिग्रहण बेहद सस्ता।
➤ बिजली, ग्रीन और R&D इंसेंटिव: FDI और फॉर्च्यून ग्लोबल 500 कंपनियों को 5 साल तक 100% बिजली शुल्क माफ। ग्रीन इंडस्ट्री को ₹2.5 करोड़ तक इंसेंटिव। R&D के लिए ₹10 करोड़ तक ग्रांट।
➤ ‘निवेश मित्र’ से आसान निवेश: सिंगल विंडो पोर्टल पर 500+ ऑनलाइन सेवाएं। भूमि आवंटन, स्वीकृति और इंसेंटिव ट्रैकिंग एक ही जगह। पारदर्शिता और समय की बचत।
➤ PLI टॉप-अप 30% तक: केंद्र की PLI योजना के साथ IMLC में स्थापित उद्योगों को 30% अतिरिक्त टॉप-अप। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए खास सुविधा।
29 अप्रैल को PM मोदी गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। मेरठ से प्रयागराज तक 594 KM लंबे एक्सप्रेसवे के साथ 12 IMLC नोड्स बन रहे हैं। सरकार का फोकस क्षेत्रीय संसाधनों के अधिकतम उपयोग और हर जिले को उद्योग-बाजार से जोड़ने पर है।













