नमक हमारे दैनिक भोजन का अहम हिस्सा है। आयोडीन युक्त नमक शरीर के लिए बेहद जरूरी माना जाता है क्योंकि यह थायरॉइड समेत कई शारीरिक प्रक्रियाओं को संतुलित रखने में मदद करता है। विशेषज्ञ हमेशा शुद्ध और आयोडीन युक्त नमक के उपयोग की सलाह देते हैं, लेकिन यदि इसी नमक में मिलावट हो जाए तो यह सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
ताजा मामला उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मोदीनगर क्षेत्र से सामने आया है, जहां होली से पहले मिलावटखोर सक्रिय पाए गए। पानी और तेल में मिलावट के मामलों के बाद अब नामी कंपनियों के नाम पर नकली नमक और अन्य उत्पादों की बड़ी खेप पकड़ी गई है।
पुलिस की छापेमारी में 1400 से अधिक संदिग्ध उत्पाद बरामद किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक देवेंद्रपुरी इलाके में स्थित जिंदल किराना स्टोर और उसके गोदाम पर छापा मारा गया। यह कार्रवाई स्पीड सर्च एंड सिक्योरिटी नेटवर्क के फील्ड मैनेजर की सूचना के आधार पर की गई, जिसमें बताया गया था कि ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली नमक और अन्य सामान बेचे जा रहे हैं।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में ऐसे नमक के पैकेट बरामद किए जो नामी कंपनियों की पैकेजिंग की नकल कर तैयार किए गए थे। शुरुआती जांच में सामने आया कि पैकिंग इतनी मिलती-जुलती थी कि आम उपभोक्ता के लिए असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो सकता था।
पुलिस ने दुकान संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। त्योहारों के समय मिलावटखोरी की बढ़ती घटनाएं प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गई हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को भी सतर्क रहने और केवल प्रमाणित दुकानों से ही सामान खरीदने की सलाह दी जा रही है।














