लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान 357 फार्मासिस्ट और 252 डेंटल हाइजीनिस्ट को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस मौके पर उन्होंने राज्य सरकार की नीतियों और नियुक्ति प्रक्रियाओं में सुधार को लेकर कई अहम बयान दिए।

सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले चयन प्रक्रिया में भेदभाव था और नियुक्ति में गड़बड़ी होती थी। उन्होंने यह भी कहा कि यूपी में बेईमानी और गुंडागर्दी के कारण राज्य “बीमारू” बन चुका था। उनका यह भी कहना था कि पहले डिप्रेशन में युवा सुसाइड कर लेते थे क्योंकि मेरिट में आकर भी उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं मिलता था।

मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि 2017 से पहले नियुक्तियों में पैसे का लेन-देन होता था और सरकारी नौकरी पाने के लिए महंगे दामों पर सौदे किए जाते थे। उन्होंने कहा कि पहले सरकार की सोच छोटी थी और काम भी छोटे होते थे, लेकिन अब सरकार की नीति स्पष्ट है और युवाओं को पारदर्शी तरीके से नौकरी दी जा रही है।

सीएम योगी ने कहा, “हमने 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी है।” यह कदम प्रदेश में सरकारी नियुक्तियों की पारदर्शिता को स्थापित करने और युवा शक्ति को सही दिशा देने के लिए उठाया गया है।

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