उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जानकीपुरम के बाद अब दुबग्गा इलाके के महिपतमऊ में हेरोइन बनाने की एक और अवैध फैक्ट्री पकड़ी गई है। दुबग्गा पुलिस की नाक के नीचे चल रहा था अवैध मादक पदार्थ की तस्करी का खेल चल रहा था। मौके से करीब 32 करोड़ रुपये मूल्य की उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन और एक लोडेड विदेशी जिगाना पिस्टल बरामद की है। इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों, अमजद और जुहैल को मौके से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उनके तीन अन्य साथी अनस, सोहेल और माज मौके से फरार होने में कामयाब रहे।
बता दें, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि पकड़े गए आरोपी बी-फार्मा की पढ़ाई कर चुके हैं और अपनी शैक्षणिक योग्यता का गलत इस्तेमाल कर खुद ही लैब जैसे सेटअप में हेरोइन तैयार करते थे। यह गिरोह गुवाहाटी से हेरोइन बनाने का कच्चा माल और रसायन मंगवाता था। तैयार माल को झारखंड, झांसी, हरदोई और बरेली समेत कई अन्य जिलों में बड़े पैमाने पर सप्लाई किया जाता था। खास बात यह है कि यह अवैध फैक्ट्री दुबग्गा पुलिस थाने की नाक के नीचे चल रही थी, जिससे स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
आरोपियों ने अपनी इस अवैध फैक्ट्री की सुरक्षा और पुलिस की नजरों से बचाने के लिए एक खतरनाक पिटबुल डॉग भी पाल रखा था ताकि कोई अनजान व्यक्ति वहां आसानी से न पहुंच सके। हालांकि, ANTF की सटीक सूचना और अचानक की गई रेड ने इन तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। फिलहाल पुलिस फरार चल रहे तस्करों की तलाश में जुटी है और उनके पूरे नेटवर्क को खंगालने का प्रयास कर रही है।













