लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 1990 के कारसेवक गोलीकांड को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को कारसेवकों पर हुई गोलीबारी के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने दावा किया कि मुलायम सिंह यादव के आदेश पर ही कारसेवकों पर गोली चलाई गई थी। राजभर ने कहा कि मुलायम सिंह खुद लोकसभा और विधानसभा में इस घटना का जिक्र कर चुके हैं।
ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के बयानों और उसके कामकाज पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सपा जो कहती है और वास्तव में जो करती है, दोनों में काफी अंतर है। राजभर के मुताबिक, जिस समय कारसेवकों पर गोली चलाई गई थी, उस समय मुलायम सिंह यादव प्रदेश के मुख्यमंत्री थे और गोलीबारी का आदेश उन्हीं की ओर से दिया गया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि रामगोपाल यादव भी गोली चलाने का आदेश दिए जाने की बात स्वीकार कर चुके हैं।
राजभर का यह बयान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर किए गए हमले के बाद आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में एक कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव से 1990 में कारसेवकों पर हुई गोलीबारी के लिए माफी मांगने को कहा था। उन्होंने कहा कि अयोध्या आने से पहले अखिलेश यादव को उन कारसेवकों से माफी मांगनी चाहिए, जिन पर गोली चलाई गई थी। साथ ही उन्होंने इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों से अपने पुराने कृत्यों पर पश्चाताप करने की बात कही।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान कारसेवकों और संतों के संघर्ष व बलिदान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अतीत में रामभक्तों का अपमान किया गया, उन पर गोलियां चलाई गईं और संतों पर लाठीचार्ज किया गया। ऐसे लोगों को अयोध्या आने से पहले रामभक्तों और संतों से माफी मांगनी चाहिए।
सीएम योगी ने अयोध्या में हुए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले रामनगरी में एयरपोर्ट तक नहीं बन पाया था, लेकिन आज यहां महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है। उन्होंने कहा कि अयोध्या के विकास और राम मंदिर आंदोलन के इतिहास को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
फिलहाल, 1990 के कारसेवक गोलीकांड को लेकर ओम प्रकाश राजभर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयानों के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी पर हमले तेज हो गए हैं।


