बरेली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को बरेली के दौरे पर रहे, जहां उन्होंने एक भव्य सांस्कृतिक और प्रशासनिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। सीएम योगी ने यहां विख्यात कथावाचक, रंगकर्मी और रामायण के प्रसिद्ध साहित्यकार पंडित राधेश्याम की प्रतिमा का आधिकारिक रूप से अनावरण किया। इस गौरवपूर्ण अवसर पर जनता और प्रबुद्ध जनों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सनातन संस्कृति, प्रभु श्री राम और भारतीय मूल्यों पर खुलकर अपनी बात रखी और उनके विचारों ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को मंत्रमुग्ध कर दिया।

सनातन धर्म भारत की आत्मा है, यह हमारे संस्कार का हिस्सा: सीएम

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय संस्कृति में प्रभु श्री राम के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “हर भारतीय के रोम-रोम में राम बसे हैं। यह किसी राजनीतिक विचारधारा का विषय नहीं, बल्कि हर भारतीय के खून और उनके संस्कारों का अभिन्न हिस्सा है।” सनातन धर्म की महिमा का गान करते हुए उन्होंने आगे कहा कि सनातन धर्म ही वास्तव में भारत की आत्मा है; इसे भारत से अलग करके नहीं देखा जा सकता। जिसने भी इस संस्कृति को समझा है, उसने भारत के मूल को जाना है।

पंडित जी के साहित्य को संजोने की जरूरत और ‘वानर जाति’ का जिक्र

सीएम योगी ने पंडित राधेश्याम द्वारा रचित ‘राधेश्याम रामायण’ और उनके अन्य साहित्यिक योगदानों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के लिए ‘पंडित जी के साहित्य को संजोने और उसे सहेजने की सख्त आवश्यकता’ है।

अपने भाषण में एक दिलचस्प और दार्शनिक पहलू जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने रामायण काल का संदर्भ दिया और कहा, “त्रेतायुग में भगवान राम की लंका विजय और धर्म की स्थापना में वानर (बंदर) जाति का मानव जाति पर बहुत बड़ा उपकार रहा है।” उन्होंने अंत में भावुक होते हुए कहा कि इतिहास और अध्यात्म गवाह है कि संसार में जिसे भी प्रभु श्री राम की कृपा मिल गई, उसका बेड़ा पार हो गया और उसका उद्धार निश्चित है। इस कार्यक्रम के बाद जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों की भी समीक्षा की।

''हर भारतीय के रोम रोम में राम बसे हैं'',बरेली की सभा में बोले सीएम योगी

शेयर करना
Exit mobile version