प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया के लिए रवाना हो गए हैं। पीएम मोदी सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस की ‘गोल्डन जुबली’ (50वीं वर्षगांठ) समारोह में मुख्य अतिथि (Guest of Honour) के रूप में शामिल होने के लिए दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर जा रहे हैं। रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “सेशेल्स के लिए रवाना हो रहा हूँ, जहाँ मैं उनके राष्ट्रीय दिवस समारोह में भाग लूँगा। इस बार का यह आयोजन बेहद खास है क्योंकि यह उनकी स्वर्ण जयंती का जश्न है।”
‘विज़न महासागर’ और ग्लोबल साउथ को मिलेगी नई ताकत
पीएम मोदी ने सेशेल्स को भारत का एक बहुमूल्य समुद्री पड़ोसी बताया। उन्होंने कहा कि सेशेल्स हमारे ‘विज़न महासागर’ (Vision MAHASAGAR) और ग्लोबल साउथ (Global South) के हितों को आगे बढ़ाने में एक बेहद महत्वपूर्ण भागीदार है। प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं अपने मित्र और सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हरमिनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता को लेकर बेहद उत्सुक हूँ। इस यात्रा के दौरान मुझे सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने का गौरव भी प्राप्त होगा। साथ ही, मैं वहाँ रहने वाले भारतीय समुदाय से मिलने के लिए भी उत्साहित हूँ।”
सेशेल्स की संसद को संबोधित करने वाले पहले भारतीय पीएम बनेंगे मोदी
27 जून से 29 जून तक चलने वाली यह यात्रा सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हरमिनी के निमंत्रण पर हो रही है। फरवरी 2026 में राष्ट्रपति हरमिनी की सफल भारत यात्रा के बाद अब पीएम मोदी का यह दौरा दोनों देशों के बीच के मजबूत रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी सेशेल्स की नेशनल असेंबली (संसद) को संबोधित करेंगे, और ऐसा करने वाले वे भारत के पहले प्रधानमंत्री बनेंगे। दोनों नेता आपसी सहयोग की समीक्षा करेंगे और हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और समृद्धि को बढ़ावा देने पर चर्चा करेंगे।
राजनयिक संबंधों के 50 साल और भारतीय नौसेना की मौजूदगी
यह दौरा इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि भारत और सेशेल्स अपने राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ भी मना रहे हैं। इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय दिवस परेड में भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी और भारतीय नौसेना के दो युद्धपोत (Navy Ships) भी हिस्सा ले रहे हैं, जो दोनों देशों के बीच गहरे रक्षा और समुद्री सहयोग को प्रदर्शित करता है।














