लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के पुनरीक्षण और नाम जोड़े-हटाने की प्रक्रिया के बीच एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सुलतानपुर जिले में समाजवादी पार्टी ने 15 अक्टूबर को गंभीर आरोप लगाया था कि नंद लाल नामक व्यक्ति के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर फॉर्म-7 के जरिए 26 वैध मतदाताओं के नाम काटने की सोची-समझी साजिश रची गई।
बता दें, सपा की इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जब चुनाव प्रशासन ने जांच शुरू कराई, तो मामले की पुष्टि हुई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, 26 मतदाताओं के नाम हटाने के उद्देश्य से फॉर्म-7 जमा किए गए थे। हालांकि, समय रहते जांच होने और आवेदकों की सही पहचान व आवश्यक विवरण न मिलने के कारण राहत की बात यह रही कि एक भी फॉर्म स्वीकार नहीं हुआ और सभी 26 वोट सुरक्षित रहे।
मामले में प्रशासनिक और चुनावी कार्य में बरती गई घोर लापरवाही को देखते हुए संबंधित बीएलओ को तत्काल प्रभाव से चुनावी ड्यूटी से हटा दिया गया है और उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति भी की गई है। इसके अलावा 24 अक्टूबर को गोसाईगंज थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 336(3), 340(2) और 318(4) के तहत एफआईआर दर्ज करा दी गई है। इस कार्रवाई के बाद से फर्जी हस्ताक्षर कर आम जनता के मताधिकार से खिलवाड़ करने वाले मास्टरमाइंड की तलाश तेज कर दी गई है।











