मऊ: उत्तर प्रदेश के मऊ जिले से आज राजनीति की एक बेहद दुर्लभ और मानवीय तस्वीर सामने आई। घोसी लोकसभा क्षेत्र के समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय के आवास पर जब भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की कार्यकर्ता महिला आरक्षण बिल को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचीं, तो वहां का नजारा विरोध प्रदर्शन से बदलकर शिष्टाचार और ज्ञानवर्धन के सत्र में तब्दील हो गया।
चिलचिलाती धूप में सांसद की मानवीय संवेदना
भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच जब भाजपा कार्यकर्ता सांसद आवास के बाहर नारेबाजी कर रही थीं, तभी सांसद राजीव राय स्वयं उनके बीच पहुंचे। उन्होंने न केवल महिलाओं का स्वागत किया, बल्कि मानवीय संवेदना दिखाते हुए अपने हाथों से उन्हें मिठाई खिलाई और ठंडा पानी पिलाया। सांसद के इस सौहार्दपूर्ण व्यवहार ने प्रदर्शनकारियों का दिल जीत लिया।
महिला बिल पर ‘अनभिज्ञ’ दिखीं कार्यकर्त्रियां
इस दौरान एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब सांसद ने प्रदर्शन कर रही महिलाओं से महिला आरक्षण बिल से जुड़े कुछ बुनियादी सवाल पूछे। हैरानी की बात यह रही कि प्रदर्शन करने आईं अधिकांश महिलाएं खुद इस बिल की बारीकियों से अनजान थीं और संतोषजनक उत्तर नहीं दे सकीं। इसके बाद सांसद राजीव राय ने खुद उन्हें विस्तार से जानकारी दी और बताया कि यह विधेयक संसद द्वारा वर्ष 2023 में ही पारित किया जा चुका है।
भाजपा सरकार पर साधा निशाना
सांसद ने इस मौके पर भाजपा सरकार की नीयत पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “यदि भाजपा वास्तव में महिलाओं को 33 प्रतिशत भागीदारी देने के प्रति गंभीर होती, तो हाल ही में हुए उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल विस्तार में इसकी झलक दिखती। वहां महिलाओं को उचित स्थान न मिलना भाजपा की कथनी और करनी के अंतर को उजागर करता है।”
नारेबाजी का बदला सुर
सांसद राजीव राय के इस सकारात्मक व्यवहार और जानकारी देने के अंदाज से प्रदर्शनकारी महिलाएं इतनी प्रभावित हुईं कि वापस जाते समय उन्होंने “राजीव राय जिंदाबाद” के नारे लगाए। जो महिलाएं विरोध करने आई थीं, वे सांसद के आतिथ्य और स्पष्टवादिता की प्रशंसा करती हुई लौटीं।














