लखनऊ। उत्तर प्रदेश की क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था को नई रफ्तार देने वाली नमो भारत रैपिड रेल परियोजना के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठा लिया गया है। अब लखनऊ-कानपुर नमो भारत कॉरिडोर को अयोध्या तक बढ़ाया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने एलाइनमेंट और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए 13.5 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर कर दी है।
150 किलोमीटर लंबा होगा कॉरिडोर
शासन ने इस मामले में सभी प्राधिकरणों और जिलाधिकारियों को पत्र भेजा है, जिसमें कहा गया है कि प्रस्तावित लखनऊ-बाराबंकी-अयोध्या आरआरटीएस परियोजना की लंबाई लगभग 150 किलोमीटर होगी। इसके लिए एलाइनमेंट, एएआर और डीपीआर तैयार करने का काम किया जाना है और सभी से पूरा सहयोग मांगा गया है। शासन ने नौ सितंबर को डीएम और प्राधिकरण के उपाध्यक्षों को पत्र लिखा है।
अयोध्या के धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
फिलहाल लखनऊ-कानपुर नमो भारत कॉरिडोर की योजना पर काम चल रहा है, जिसके लिए सबसे पहले 6.03 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। अब इसे अयोध्या तक विस्तारित करने के लिए 13.50 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। अयोध्या के धार्मिक और पर्यटन महत्व को देखते हुए इस परियोजना को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इसके पूरा होने पर राजधानी और रामनगरी के बीच यात्रा अधिक तेज और सुविधाजनक हो सकेगी। इससे सड़क यातायात का दबाव कम होगा और लाखों यात्रियों को सुरक्षित तथा आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा। बाराबंकी और आसपास के क्षेत्रों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
नौ राज्यों के लिए चलेंगी 24 AC स्लीपर बसें
परिवहन निगम अंतर्राज्जीय बस समझौते के तहत सात राज्यों के बीच एसी स्लीपर बसें चलाने जा रहा है। शुरुआत में 15 रूटों पर 30 बसें चलाने पर सहमति बनी थी, लेकिन एक सितंबर को हुई प्री-बिड बैठक में नौ और रूट जोड़े गए। इन नए रूटों में लखनऊ से गया, इंदौर, दिल्ली वाया बरेली और एक्सप्रेस के अलावा गोरखपुर से दिल्ली वाया लखनऊ, गाजियाबाद से गोरखपुर वाया लखनऊ तथा गाजियाबाद से बनारस रूट शामिल हैं।
इन नौ रूटों पर 24 स्लीपर बसों को टेंडर प्रक्रिया में शामिल किया गया है। 25 सितंबर को निविदा खुलने पर संचालन पर अंतिम फैसला होगा। क्षेत्रीय प्रबंधक विमल राजन ने बताया कि परिवहन निगम पहली बार पीपीपी मॉडल पर अंतर्राज्जीय एसी स्लीपर बसें चलाने जा रहा है, जिसके लिए निजी ऑपरेटर बुलाए गए हैं।













