कानपुर: रूस में हिरासत में लिए गए कानपुर के इंजीनियर चंदन गुप्ता अब घर लौट आए हैं। उनकी पत्नी स्नेहा गुप्ता ने एक वीडियो जारी कर चंदन की रिहाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चंदन की रिहाई में उनकी कंपनी की ओर से की गई कानूनी मदद अहम रही। चंदन को कुछ दिन पहले रूस में हिरासत में लिया गया था। उस समय उनकी पत्नी ने उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी और मदद के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी गुहार लगाई थी। अब चंदन की वापसी के बाद परिवार ने राहत की सांस ली है।
दरअसल, कानपुर के रहने वाले चंदन गुप्ता एक प्रोजेक्ट के सिलसिले में वर्क वीजा पर रूस गए थे। मॉस्को में मौजूद उनकी पत्नी स्नेहा ने बताया कि शुरुआत में उन्हें पति के पकड़े जाने की कोई जानकारी नहीं थी। शनिवार देर रात करीब 11:40 बजे चंदन को अचानक कस्टडी में ले लिया गया। इस दौरान उनका मोबाइल फोन और पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गया था। चंदन के साथ मौजूद एक दोस्त ने बाद में स्नेहा को इस बारे में जानकारी दी।
जानकारी मिलते ही स्नेहा ने कंपनी से संपर्क किया, ताकि यह पता चल सके कि चंदन कहां हैं और उनके साथ क्या हुआ है। इसके बाद नोएडा स्थित यूफ्लेक्स लिमिटेड की मॉस्को यूनिट ने मामले में तत्परता दिखाई। कंपनी के अधिकारियों ने तुरंत एक स्थानीय वकील का इंतजाम किया और प्रशासनिक स्तर पर पैरवी शुरू की। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद चंदन को उसी रात रिहा कर दिया गया।
स्नेहा के मुताबिक, मुश्किल समय में कंपनी प्रबंधन लगातार उनके संपर्क में रहा। उन्होंने उन लोगों का भी शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने मामले को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने में मदद की। कंपनी की ओर से की गई कानूनी सहायता के बाद चंदन की रिहाई संभव हो सकी और अब वह घर वापस लौट चुके हैं।












