राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 23 से 25 जुलाई तक चले आधिकारिक रोमानिया दौरे ने भारत और रोमानिया के बीच कमर्शियल रिश्तों को एक नई मजबूती दी है। इस दौरे के दौरान दोनों देशों ने आपसी सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान की है और भारत-यूरोपीय संघ (EU) फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की बदलाव लाने वाली क्षमता पर विशेष जोर दिया है।
विदेश मंत्रालय (MEA) में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने एक विशेष मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि राष्ट्रपति मुर्मू ने रोमानिया के प्रधानमंत्री इली बोलोजान के साथ द्विपक्षीय बैठक की और भारत-रोमानिया बिजनेस फोरम को राष्ट्रपति निकुसोर डैन के साथ संयुक्त रूप से संबोधित किया। इस बिजनेस फोरम में FICCI, CII और ASSOCHAM के नेतृत्व में लगभग 200 भारतीय कारोबारियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ, जिसने AI, साइबर सुरक्षा, रक्षा, एयरोस्पेस और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व किया। बातचीत का मुख्य केंद्र ‘3 T’ (ट्रेड, टेक्नोलॉजी, टूरिज़्म और टैलेंट) में सहयोग बढ़ाना रहा।
यूरोपीय बाजार का प्रवेश द्वार है रोमानिया
MEA ने बताया कि यूरोपीय संघ का सदस्य होने के नाते रोमानिया भारतीय कंपनियों को घरेलू और बड़े यूरोपीय बाजारों तक पहुंच बनाने का बेहतरीन अवसर देता है। वर्तमान में रोमानिया में करीब 1,000 भारतीय कंपनियां मौजूद हैं, जो भविष्य में आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करेंगी।
राष्ट्रपति मुर्मू और प्रधानमंत्री बोलोजान के बीच हुई बातचीत में इस साल हुए ऐतिहासिक FTA और ‘इंडिया-EU टुवर्ड्स 2030’ एजेंडे पर भी चर्चा हुई। सरकार का लक्ष्य अगले तीन सालों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करना है, जिसके लिए मजबूत नीतिगत ढांचे तैयार किए जा चुके हैं।



