लखनऊ: राम मंदिर निर्माण और दान से जुड़े कथित गबन के मामलों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। देश की सर्वोच्च अदालत के सख्त निर्देशों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक नई विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है। यह नई एसआईटी सीधे तौर पर सुप्रीम कोर्ट को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पुरानी एसआईटी का हिस्सा रहे आईजी लखनऊ किरण एस को अब इस नई टीम का नेतृत्व सौंपा गया है। इसके अलावा, नई एसआईटी में एक डीआईजी और एक एसपी स्तर के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल किए गए हैं, जबकि लखनऊ के मंडलायुक्त को इस टीम से हटा दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, यह नई एसआईटी मामले के सभी पहलुओं की बेहद बारीकी और व्यापक जांच करेगी और मात्र दो सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंपेगी।

इस उच्चस्तरीय जांच के गठन से मामले में तेजी आने की उम्मीद है। दान में गड़बड़ी और गबन के आरोपों की तह तक जाने के लिए एसआईटी को तमाम दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की गहन पड़ताल करने के निर्देश दिए गए हैं। इस कदम को न्यायिक और प्रशासनिक स्तर पर काफी सख्त और महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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