अयोध्या: राम मंदिर की दानराशि में कथित हेरफेर के मामले में लगातार नए दावे और आरोप सामने आ रहे हैं। प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, दान की गिनती के दौरान नकदी को अलग कर बाथरूम में छिपाने और बाद में परिचितों व रिश्तेदारों के जरिए बाहर पहुंचाने की बात जांच के दौरान सामने आई है।
दान की नकदी को लेकर गंभीर आरोप
रिपोर्टों में दावा किया गया है कि दान की गिनती से जुड़े कुछ लोग नकदी का हिस्सा अलग कर लेते थे और बाद में उसे मंदिर परिसर से बाहर भेजा जाता था। आरोप यह भी है कि कथित रूप से इसी धन का उपयोग जमीन और अन्य संपत्तियां खरीदने में किया गया।
जेवरातों का रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में
मामले में दूसरा बड़ा पहलू श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोने-चांदी और बहुमूल्य जेवरातों से जुड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक, जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि चढ़ावे में आए आभूषणों का पूरा रिकॉर्ड और हिसाब-किताब कहां है।
कई लोगों से हुई पूछताछ
प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, SIT ने इस मामले में अनिल मिश्रा, गोपाल राव और टिन्नू यादव से लंबी पूछताछ की है। वहीं, चंपत राय से भी विभिन्न बिंदुओं पर सवाल पूछे जाने की जानकारी सामने आई है।
रामलला को मिले उपहार भी जांच के केंद्र में
जांच में रामलला को भेंट किए गए बहुमूल्य हार और चरण पादुका का मुद्दा भी शामिल है। रिपोर्टों के मुताबिक, SIT यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन उपहारों का रिकॉर्ड कहां है और उनकी वर्तमान स्थिति क्या है।
जमीन खरीद के दस्तावेज खंगाल रही SIT
मामले में नया मोड़ ट्रस्ट द्वारा की गई जमीन खरीद को लेकर आया है। रिपोर्टों के अनुसार, SIT ने वर्ष 2021 से अब तक ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई जमीनों के दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। खरीद प्रक्रिया, भुगतान, मूल्यांकन और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
अभी आपराधिक जांच नहीं, इंक्वायरी जारी
जानकारी के मुताबिक, फिलहाल SIT नियमित आपराधिक जांच (Criminal Investigation) नहीं बल्कि प्रारंभिक इंक्वायरी कर रही है। हालांकि, सामने आ रहे तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की दिशा तय की जा सकती है।
पारदर्शिता को लेकर उठे सवाल
दानराशि, जेवरात और जमीन खरीद जैसे संवेदनशील मामलों में सामने आए आरोपों के बाद पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल उठ रहे हैं। श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले पर अब सभी की नजर जांच के निष्कर्षों पर टिकी हुई है।



