मेरठ : उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। सेन्ट्रल मार्केट के बाद शहर के कई अन्य इलाकों में भी अवैध निर्माणों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने 16 हजार से अधिक अवैध निर्माणों को ढहाने के आदेश दिए हैं।

बता दे कि मेरठ विकास प्राधिकरण (MDA) की ओर से जोन-4 की सर्वे रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई थी। रिपोर्ट के आधार पर उल्देपुर में बनी अवैध कॉलोनियों को भी ध्वस्त करने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके अलावा बेगमपुल, हापुड़ अड्डा समेत शहर के कई इलाकों में अवैध निर्माण सामने आए हैं।

वही इन निर्माणों को लेकर विकास प्राधिकरण और आवास विकास की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। वही आदेश के मुताबिक 9 दिसंबर 2026 तक अवैध निर्माणों को ध्वस्त करना होगा और इसकी जानकारी सुप्रीम कोर्ट को देनी होगी। मामले में शहर के बाकी तीन जोनों की सर्वे रिपोर्ट भी सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश की जाएगी। 9 जुलाई को शहर के बाकी तीन जोनों की सर्वे रिपोर्ट पेश किए जाने की बात कही गई है। इसके बाद इन इलाकों में मौजूद अवैध निर्माणों को लेकर भी कार्रवाई की दिशा स्पष्ट होगी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मेरठ में अवैध निर्माणों पर बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी है। सेन्ट्रल मार्केट के बाद अब शहर के अन्य इलाकों में भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।

Meerut में 16 हजार से ज्यादा अवैध निर्माणों पर चलेगा बुलडोजर ,सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश

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