प्रयागराज: मुज़फ्फरनगर के हिस्ट्रीशीटर मुत्तलिव के लापता होने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने पुलिस जांच पर असंतोष जताते हुए मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है। जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अचल सचदेव की खंडपीठ ने पुलिस की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताई।
कोर्ट ने पाया कि पुलिस टीम मुत्तलिव की तलाश के नाम पर केवल बस स्टैंड और सरकारी दफ्तरों जैसी जगहों पर उसकी तस्वीरें चस्पा कर रही थी। वहीं, उसके परिजनों, पड़ोसियों और जान-पहचान के लोगों के बयान तक दर्ज नहीं किए गए। कोर्ट ने पुलिस की इस कार्यशैली को गंभीरता से लेते हुए कहा कि यह पुलिस की अक्षमता है या फिर जानबूझकर की जा रही देरी।
अब CBI का संबंधित कार्यालय पुलिस से केस डायरी लेकर मुत्तलिव के लापता होने की जांच अपने स्तर पर करेगा। कोर्ट के 11 अगस्त 2026 के विस्तृत आदेश की प्रति भी CBI को भेजी जाएगी। इस आदेश में गैर-जमानती वारंट की तारीख में कथित हेराफेरी और काट-छांट का भी जिक्र किया गया है।
हाईकोर्ट ने CBI को मामले में तीन सप्ताह के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया है। अब मामले की जांच CBI की निगरानी में आगे बढ़ेगी और पुलिस की जांच से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जाएगी।











