इज़राइल-फ़िलिस्तीन संघर्ष को लेकर भारत ने एक बार फिर दो-राष्ट्र समाधान के समर्थन में अपना रुख स्पष्ट किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि फ़िलिस्तीन के मुद्दे पर भारत का दृष्टिकोण स्पष्ट है और भारत इज़राइल-फ़िलिस्तीन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए टू-स्टेट सॉल्यूशन के पक्ष में है।
IBSA बैठक के बाद जारी हुआ संयुक्त बयान
रणधीर जायसवाल ने न्यूयॉर्क में 81वीं यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली के दौरान भारत, ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान का संदर्भ दिया। उन्होंने कहा कि बैठक में आर्थिक, विकास और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई और संयुक्त बयान में तीनों देशों के सामूहिक विचार दर्ज किए गए।
24 सितंबर को हुई 14वीं IBSA ट्राइलेटरल मिनिस्टीरियल कमीशन बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, दक्षिण अफ्रीका के इंटरनेशनल रिलेशन एंड कोऑपरेशन मंत्री रोनाल्ड लामोला और ब्राज़ील के विदेश मंत्री माउरो विएरा शामिल हुए थे।
गाजा में सीजफायर और मानवीय सहायता पर जोर
संयुक्त बयान में तीनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र महासभा और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों को लागू करने की मांग की। साथ ही सभी पक्षों से सीजफायर बनाए रखने और गाजा पट्टी में पूरी तथा बिना किसी रुकावट के मानवीय सहायता पहुंच सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया।
बयान में गाजा में जारी हिंसा पर चिंता जताई गई और फ़िलिस्तीनियों को गाजा पट्टी से जबरन हटाने के उद्देश्य वाली नीतियों को समाप्त करने की मांग की गई।
UNRWA के समर्थन की भी पुष्टि
भारत, ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका ने फ़िलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी (UNRWA) के प्रति अपने समर्थन को भी दोहराया। तीनों देशों ने कहा कि UNRWA के जनादेश का सम्मान किया जाना चाहिए, ताकि वह अपने पांच ऑपरेशन क्षेत्रों में फ़िलिस्तीनी शरणार्थियों को आवश्यक बुनियादी सेवाएं उपलब्ध करा सके।
1967 की सीमाओं के आधार पर दो-राष्ट्र समाधान
IBSA के संयुक्त बयान में कहा गया कि इज़राइल-फ़िलिस्तीन संघर्ष का स्थायी समाधान शांतिपूर्ण तरीकों से होना चाहिए और फ़िलिस्तीनी लोगों के वैध अधिकारों को पूरा करना इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। बयान में अंतरराष्ट्रीय कानून के आधार पर दो-राष्ट्र समाधान के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई गई। इसमें एक स्वतंत्र और व्यवहार्य फ़िलिस्तीन राज्य की बात कही गई, जो इज़राइल के साथ शांति और सुरक्षा से रहे तथा 1967 की सीमाओं के आधार पर पूर्वी येरुशलम को अपनी राजधानी बनाए।














