चीन के शंघाई में 22 से 27 सितंबर तक आयोजित 48वीं WorldSkills प्रतियोगिता में भारतीय युवाओं ने अपनी प्रतिभा का परचम लहराते हुए इतिहास रच दिया है। इस वैश्विक महाकुंभ में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 6 सिल्वर मेडल और 20 मेडलियन ऑफ एक्सीलेंस अपने नाम किए हैं। इस बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर भारत ने वैश्विक रैंकिंग में 13वें स्थान से छलांग लगाकर सीधे 10वें स्थान पर अपनी जगह बना ली है। पिछले साल ल्योन (Lyon 2024) में मिले 13वें स्थान की तुलना में यह देश का अब तक का सबसे बड़ा सुधार है।
इस बार प्रतियोगिता में भारत ने अब तक की अपनी सबसे बड़ी टीम भेजी थी, जिसमें 70 प्रतिभागियों ने 63 स्किल श्रेणियों में हिस्सा लिया। खास बात यह है कि भारत ने इस बार 11 नई श्रेणियों में पहली बार डेब्यू किया, जिनमें डेंटल प्रोस्थेटिक्स, इंटेलिजेंट सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी, लैंडस्केप गार्डनिंग, रिटेल सेल्स, सॉफ्टवेयर टेस्टिंग और एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस जैसी आधुनिक स्किल्स शामिल थीं। भारत की इस ऐतिहासिक सफलता में बेकरी के लिए स्मृति नांबियार, डेंटल प्रोस्थेटिक्स के लिए मोहम्मद सलाम, डिजिटल मीडिया डिजाइन के लिए कोविद अजय गंगराडे, इंडस्ट्रियल डिजाइन के लिए पार्थ वोहरा, लॉजिस्टिक्स के लिए मेहरुनिस्सा बेगम और रिटेल सेल्स के लिए सानिया जोशी ने सिल्वर मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया।
बेकरी श्रेणी में शानदार प्रदर्शन करने वाली स्मृति नांबियार को प्रतिष्ठित ‘Best of Nation’ के खिताब से भी नवाजा गया। कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) द्वारा इस पूरी भागीदारी का समन्वय किया गया था। केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने भारत की इस सफलता को देश की वैश्विक स्किल यात्रा में एक बहुत बड़ी छलांग बताया है, जो न्यू इंडिया के उभरते हुए और कुशल युवाओं की ताकत को दर्शाता है।














