तिरुवनंतपुरम: विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट ने पूरी तरह से एक्सपोर्ट-इंपोर्ट (EXIM) ऑपरेशन शुरू कर दिया है। इसके साथ ही यह पोर्ट एक ट्रांसशिपमेंट हब से आगे बढ़कर भारतीय व्यापार और वैश्विक बाजारों के बीच एक अहम प्रवेश द्वार बन गया है।
EXIM ऑपरेशन के तहत अब पोर्ट पर देश से बाहर भेजे जाने वाले और विदेशों से आने वाले कार्गो को संभाला जाएगा। साथ ही अंतरराष्ट्रीय शिपिंग सेवाओं के बीच ट्रांसशिपमेंट गतिविधियां भी संचालित होंगी।
विझिंजम पोर्ट अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण बेहद अहम माना जा रहा है। यह प्रमुख अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट से सिर्फ 10 समुद्री मील की दूरी पर स्थित है। प्राकृतिक रूप से 18-20 मीटर गहराई वाले इस पोर्ट पर अल्ट्रा लार्ज कंटेनर वेसल्स (ULCVs) को भी संभालने की क्षमता है।
भारत के समुद्री व्यापार को मिलेगा फायदा
EXIM ऑपरेशन शुरू होने से भारत की विदेशी ट्रांसशिपमेंट पोर्ट पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है। इससे लॉजिस्टिक्स लागत घटाने, ट्रांजिट टाइम कम करने और सप्लाई चेन को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
फिलहाल भारत का 75 प्रतिशत से ज्यादा कंटेनर ट्रांसशिपमेंट कार्गो विदेशी बंदरगाहों के जरिए संचालित होता है। विझिंजम पोर्ट इस निर्भरता को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
₹16 हजार करोड़ के विस्तार की योजना
विझिंजम पोर्ट के दूसरे चरण के विस्तार पर करीब ₹16,000 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इस विस्तार के बाद पोर्ट की वार्षिक क्षमता बढ़कर 5.7 मिलियन TEU हो जाएगी। फेज-2 के तहत 1,200 मीटर कंटेनर बर्थ, स्थायी रेल कनेक्टिविटी, बेहतर सड़क नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स पार्क और वेयरहाउसिंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस चरण को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
30 हजार करोड़ तक पहुंचेगा निवेश
विझिंजम प्रोजेक्ट में अदाणी ग्रुप का कुल निवेश फेज-2 के बाद करीब ₹30,000 करोड़ तक पहुंच जाएगा। यह केरल में किसी भी कारोबारी समूह द्वारा किए जा रहे सबसे बड़े निवेशों में से एक बताया जा रहा है। अदाणी पोर्ट्स के अधिकारियों ने कहा कि यह पोर्ट भारत की आत्मनिर्भरता, वैश्विक प्रतिस्पर्धा और समुद्री क्षेत्र में नेतृत्व की क्षमता को मजबूत करेगा।
दक्षिण भारत के कारोबार को मिलेगा लाभ
विझिंजम पोर्ट के शुरुआती EXIM क्षेत्र में केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक शामिल हैं। इससे बेंगलुरु, कोयंबटूर और तिरुप्पुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों के कारोबार को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक आसान पहुंच मिलेगी।
पोर्ट से लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, फ्रेट फॉरवर्डिंग और अन्य सेवाओं में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इससे 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनने की संभावना जताई गई है।
अब तक 2.28 मिलियन TEU कार्गो संभाल चुका है पोर्ट
विझिंजम पोर्ट ने दिसंबर 2024 में कमर्शियल ऑपरेशन शुरू किया था। इसके बाद से अब तक यह 2.28 मिलियन से ज्यादा TEU और 1,100 से अधिक जहाजों को संभाल चुका है।
पोर्ट ने 10 महीने में 1 मिलियन TEU और 18 महीने में 2 मिलियन TEU का आंकड़ा पार किया। इसने भारत आने वाले सबसे बड़े कंटेनर जहाजों में शामिल MSC इरीना को भी संभाला, जिसकी क्षमता 24,346 TEU है।m विझिंजम पोर्ट के EXIM ऑपरेशन शुरू होने से भारत की समुद्री व्यापार क्षमता को नई दिशा मिलने की उम्मीद है और यह वैश्विक व्यापार में देश की भूमिका को और मजबूत कर सकता है।












