भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट से भारतीय ग्लास एक्सपोर्ट इंडस्ट्री को एक नई उम्मीद मिली है। बोरोसिल रिन्यूएबल्स के चेयरमैन, प्रदीप खेरुका ने इस समझौते के बारे में बताया कि यह परफ्यूम और कोलोन की बोतलों के लिए ग्लास के एक्सपोर्ट को फिर से शुरू करने में मदद करेगा। खेरुका के मुताबिक, परफ्यूम निर्माताओं को उच्च गुणवत्ता वाली कांच की बोतलों की बहुत आवश्यकता है, और भारत इस क्षेत्र में एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब है।

वहीं, प्रदीप खेरुका ने कहा, “भारत में उच्च गुणवत्ता की परफ्यूम बोतलों का उत्पादन होता है, जो अब तक एक ट्रेड एग्रीमेंट न होने के कारण रुका हुआ था।” उन्होंने इस एग्रीमेंट को ऐतिहासिक करार दिया और कहा कि यह दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे व्यापारिक मुद्दों को सुलझाने का एक बड़ा कदम है।

खेरुका ने आगे बताया, “हमारे पास 18% टैरिफ़ है, और यदि अन्य प्रतिस्पर्धी देशों का टैरिफ़ ज्यादा है, तो इसका मतलब है कि उनका वॉल्यूम भी भारत में आ सकता है, जो हमारे लिए बहुत अच्छा होगा।” इस समझौते से भारतीय ग्लास इंडस्ट्री को एक बड़ा कॉम्पिटिटिव फायदा मिलने की संभावना है, खासकर अमेरिका में।

उन्होंने बताया कि इससे पहले, यूनाइटेड स्टेट्स को भारत से ग्लास एक्सपोर्ट का बड़ा हिस्सा मिलता था, जिसकी कीमत 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा था, और यह आंकड़ा अब 150 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। खेरुका का कहना था कि भारत की ग्लास इंडस्ट्री द्वारा बनाई गई लगभग हर चीज़ की यूएस में मांग है, और इस व्यापार के फिर से शुरू होने से आर्थिक लाभ बहुत बड़ा हो सकता है।

खेरुका ने यह भी कहा कि यूरोपीय यूनियन के साथ एक मजबूत ट्रेड एग्रीमेंट की भी उम्मीद है। यूरोप में अब स्किल्ड लेबर की कमी है, जो भारतीय मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री के लिए एक शानदार मौका है। उनका मानना है कि अगर यूरोपीय कंपनियां भारत में मैन्युफैक्चरिंग शुरू करती हैं, तो वे अपने प्रोडक्ट्स को यूरोप में कहीं ज्यादा कॉम्पिटिटिव कीमत पर एक्सपोर्ट कर सकती हैं।

खेरुका का मानना है कि इस मैन्युफैक्चरिंग बदलाव से यूरोपीय देशों को नियमित एक्सपोर्ट फ्लो मिलेगा, जिससे इंजीनियरिंग और ग्लास दोनों सेक्टर को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री को उन खास ट्रेड लाइनों को पहचानने में समय लगेगा जो सबसे ज्यादा कॉम्पिटिटिव एडवांटेज देता हैं, लेकिन इस बदलाव से उद्योग को सकारात्मक परिणाम मिलेंगा।

खेरुका ने कहा, “भारत के बड़े डेवलप्ड कंट्री ट्रेडिंग पार्टनर्स के साथ व्यापार के लिए हालात अच्छे दिख रहे हैं।” उनका विश्वास है कि आने वाले समय में भारत के इंटरनेशनल ट्रेड रिश्ते मजबूत होंगे, और इससे भारतीय उद्योगों को वैश्विक स्तर पर और ज्यादा अवसर मिलेंगा।

सर्वदलीय बैठक के बाद Sanjay Nishad ने खोले राज, इन अहम मुद्दों पर बनी सहमति!

शेयर करना
Exit mobile version