पटना। बिहार के 14 जिलों में बाढ़ के हालात गंभीर बने हुए हैं और राज्य सरकार पूरी तत्परता से राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई है। बाढ़ से अब तक करीब 43.64 लाख आबादी प्रभावित हो चुकी है, जिनमें से 33.88 लाख बाढ़ पीड़ितों तक दो समय का भोजन पहुंचाया जा रहा है। इसके लिए राज्यभर में 951 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं। प्रभावित इलाकों में मवेशियों के लिए अब तक 6,692 क्विंटल पशुचारे का वितरण किया जा चुका है।

किन जिलों में सबसे ज्यादा असर?

बाढ़ प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अरवल शामिल हैं। इन 14 जिलों के 85 प्रखंडों की 527 ग्राम पंचायतों में बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, राहत और बचाव के लिए एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की 10 टीमें अलग-अलग जिलों में तैनात की गई हैं।

इन नदियों का बढ़ा जलस्तर

गंडक, कोसी, गंगा, पुनपुन, बागमती और घाघरा जैसी प्रमुख नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि गंडक और कोसी नदी का जलस्राव फिलहाल स्थिर बना हुआ है। प्रशासन लगातार नदियों के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर और अधिक राहत टीमें तैनात करने की तैयारी में है।

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