बारिश के मौसम में स्मार्टफोन का कैमरा धुंधला पड़ना एक आम परेशानी हो सकती है। फोन के कैमरे के लेंस पर धुंध दिखाई देने से फोटो की क्वालिटी खराब हो सकती है। अगर बारिश में भीगने या नमी वाले माहौल में रहने के बाद आपके फोन के कैमरे में भी ऐसा हो रहा है, तो कुछ सावधानियां बरतकर डिवाइस को सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है।
फोन के कैमरे में नमी आने पर सबसे पहले क्या करें?
अगर फोन बारिश में भीग गया है और कैमरे में धुंध दिखाई दे रही है, तो सबसे पहले उसे पानी और नमी से दूर रखें। यदि फोन गीला है, तो उसे बंद कर दें और चार्जिंग पर बिल्कुल न लगाएं।
इसके बाद फोन के बाहरी हिस्से को मुलायम, सूखे कपड़े से धीरे-धीरे साफ करें। फोन को किसी सूखी और हवादार जगह पर रखें। अगर नमी कैमरे के अंदर पहुंच गई है, तो केवल बाहरी लेंस साफ करने से समस्या दूर नहीं होगी।
सिलिका जेल के पैकेट आ सकते हैं काम
अक्सर फोन में पानी जाने पर उसे चावल के डिब्बे में रखने की सलाह दी जाती है, लेकिन यह भरोसेमंद तरीका नहीं है। चावल के छोटे कण और धूल फोन के पोर्ट में फंस सकते हैं।
इसके बजाय सिलिका जेल के पैकेट नमी सोखने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, अगर पानी फोन के अंदर पहुंच गया है, तो केवल सिलिका जेल पर निर्भर न रहें। फोन को बंद रखें और जरूरत पड़ने पर अधिकृत सर्विस सेंटर पर दिखाएं।
कैमरे में नमी आने पर भूलकर भी न करें ये गलतियां
फोन को सुखाने के चक्कर में कुछ गलतियां डिवाइस को और नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए इन बातों का ध्यान रखें:
- हेयर ड्रायर का इस्तेमाल न करें: गर्म हवा से बैटरी, डिस्प्ले और दूसरे इंटरनल पार्ट्स को नुकसान पहुंच सकता है।
- हीटर या तेज धूप से बचाएं: ज्यादा गर्मी फोन के संवेदनशील हिस्सों को प्रभावित कर सकती है।
- फोन को जोर से न झटकें: इससे पानी डिवाइस के दूसरे हिस्सों तक फैल सकता है।
- कैमरे का लेंस खुद न खोलें: ऐसा करने से कैमरा मॉड्यूल और उसकी सीलिंग को नुकसान पहुंच सकता है।
- गीले फोन को चार्ज न करें: फोन और चार्जिंग पोर्ट पूरी तरह सूखे होने की पुष्टि होने तक चार्जिंग से बचें।
कैमरे की धुंध दूर न हो तो क्या करें?
अगर फोन को सूखी जगह पर रखने के बाद भी कैमरे के अंदर धुंध बनी रहती है, तो यह अंदर नमी पहुंचने का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में फोन को बंद रखें और अधिकृत सर्विस सेंटर से जांच करवाएं। पानी से होने वाला नुकसान हमेशा बाहर से दिखाई नहीं देता, इसलिए समस्या को नजरअंदाज करना महंगा पड़ सकता है।















