बलिया : उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के दोहा बिहरा गांव में सोमवार शाम को हुए एक हादसे में मां और बेटी की करंट लगने से मौत हो गई। घर के पास हैंडपंप से पानी भरते समय पहले मां को करंट लगा, जबकि उसे बचाने दौड़ी बेटी भी करंट की चपेट में आ गई। दोनों को गंभीर हालत में कम्युनिटी हेल्थ सेंटर सिकंदरपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
बता दे कि दोहा बिहरा गांव के रहने वाले राकेश सिंह की पत्नी बीना सिंह (45) सोमवार शाम घर के पास लगे हैंडपंप से पानी भर रही थीं। बताया जा रहा है कि हैंडपंप में पानी का पंप लगा था। इसी बीच किसी वजह से हैंडपंप शॉर्ट हो गया और बीना सिंह उसकी चपेट में आ गईं। मां को करंट से तड़पता देख उनकी 20 साल की बेटी काजल उन्हें बचाने के लिए दौड़ी, लेकिन वह भी करंट की चपेट में आ गई।
पुलिस ने पोस्टमार्टम को भेजा शव
यह नज़ारा देखकर छोटी बेटी सुमन ने शोर मचाया। शोर सुनकर आस-पास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह दोनों को करंट से अलग करके तुरंत कम्युनिटी हेल्थ सेंटर सिकंदरपुर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही सिकंदरपुर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम छा गया।
9 फरवरी को होनी थी शादी
परिवार वालों ने बताया कि काजल की शादी ताड़ीबड़ागांव निवासी एक युवक से तय हुई थी। शादी की तारीख 9 फरवरी तय हुई थी और परिवार शादी की तैयारियों में लगा हुआ था। घर में जहां खुशी का माहौल था, वहीं इस हादसे ने पूरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।
बीना सिंह के परिवार में तीन बेटे ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, दीपेंद्र सिंह और धीरेंद्र प्रताप सिंह और दो बेटियां काजल और सुमन हैं। कम्युनिटी हेल्थ सेंटर पहुंचे बेटे धीरेंद्र प्रताप सिंह का रो-रोकर बुरा हाल था। वह यही कहता रहा कि मां और बहन उसे क्यों छोड़कर चली गईं। उसका दर्द सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। बताया जाता है कि बीना के पति राकेश सिंह इलाहाबाद में ठेकेदारी का काम करते हैं। करीब एक साल पहले वह भी सड़क हादसे में घायल हो गए थे और अभी भी उनका इलाज चल रहा है। इस तरह इस दोहरी दुखद घटना से परिवार सदमे में है।



