बदायूं। जिले में बुधवार देर रात पुलिस और 50 हजार रुपये के इनामी डकैत के बीच हुई मुठभेड़ में बदमाश ढेर हो गया। मारा गया अपराधी जितेंद्र उर्फ ढालू एक बड़े डकैत गिरोह का सरगना था, जिसने पुलिस टीम पर सेमीऑटोमैटिक पिस्टल से चार राउंड फायरिंग की। इस हमले में एक दारोगा और एक सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली जितेंद्र के सीने में जा धंसी और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

कैसे हुई मुठभेड़?

एसएसपी अंकिता शर्मा के मुताबिक, बुधवार रात करीब 10:30 बजे सिविल लाइंस थाना पुलिस नई जेल के पास वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक बाइक सवार को रुकने का इशारा किया गया तो वह बाइक मोड़कर भागने लगा, लेकिन हड़बड़ी में गिर गया। पुलिसकर्मी उस तक पहुंचते, इससे पहले ही उसने आड़ लेकर सेमीऑटोमैटिक पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पहली गोली दारोगा नीरज कुमार को लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़े। इसके तुरंत बाद दूसरी गोली सिपाही अविनाश चौधरी को जा लगी। तब तक अन्य पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभाल लिया और जवाबी फायरिंग में बदमाश के सीने में गोली लगी। खून से लथपथ हालत में गिरे बदमाश की पहचान 50 हजार के इनामी जितेंद्र उर्फ ढालू के रूप में हुई। उसे तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

क्या-क्या हुआ बरामद?

मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने जितेंद्र के पास से एक सेमीऑटोमैटिक पिस्टल, एक तमंचा, नकदी और लूट के जेवर बरामद किए हैं। पुलिस को अंदेशा है कि जितेंद्र हाल ही में बदायूं में छिपकर कुछ अन्य वारदातों को भी अंजाम दे चुका था और बरामद जेवरों से यह आशंका और गहरा गई है।

कौन था जितेंद्र उर्फ ढालू?

मूलरूप से हापुड़ का रहने वाला जितेंद्र काफी समय से संभल में बस गया था और यहां गिरोह बनाकर लूट-डकैती की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। उसके खिलाफ बदायूं, अमरोहा, नोएडा और संभल समेत कई जिलों में 12 से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज हैं, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस ने सभी संबंधित जिलों से मंगवा लिया है। बीते 20 मई को इस्लामनगर में किसान निजाकत के घर और दो पड़ोसियों के यहां डकैती की वारदात को भी जितेंद्र ने ही अपने गिरोह के साथ अंजाम दिया था। इस मामले में पुलिस पहले ही सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी और उन्हीं से पूछताछ में जितेंद्र के सरगना होने का खुलासा हुआ था। लगातार फरार चल रहे जितेंद्र पर तीन दिन पहले ही डीआईजी अजय कुमार साहनी ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

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