बदायूँ: गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना पर यात्रियों की सुरक्षा और आपातकालीन स्थितियों से निपटने की क्षमता को परखने के लिए बुधवार को बदायूँ के बिनावर टोल प्लाजा पर एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। एनडीआरएफ, फायर विभाग और अदाणी परियोजना टीम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभ्यास ने आपदा प्रबंधन की तैयारियों का जीता-जागता प्रमाण पेश किया।

काल्पनिक आपदा और त्वरित कार्रवाई

इस मॉक ड्रिल के लिए एक चुनौतीपूर्ण परिदृश्य तैयार किया गया था, जिसमें एक एलपीजी टैंकर की टक्कर और उसके बाद गैस रिसाव के साथ लगी भीषण आग की स्थिति को दर्शाया गया। इस हादसे में पांच लोगों के फंसे होने की स्थिति में एनडीआरएफ बटालियन के कमांडेंट रविंद्र सिंह असवाल, इंस्पेक्टर चमन किशोर गुप्ता और फायर स्टेशन ऑफिसर शैलेंद्र सिंह के नेतृत्व में बचाव टीमों ने निर्धारित एसओपी (SOP) के तहत मोर्चा संभाला।

आधुनिक उपकरणों का उपयोग

बचाव टीमों ने आधुनिक सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करते हुए न केवल गैस रिसाव को नियंत्रित किया, बल्कि सुरक्षित रूप से पांचों व्यक्तियों को बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की। इस दौरान अदाणी परियोजना की सुरक्षा और इंसिडेंट मैनेजमेंट टीम ने भी एनडीआरएफ के साथ बेहतरीन समन्वय का परिचय दिया।

समन्वय और दक्षता का परीक्षण

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और संसाधनों के प्रभावी उपयोग का परीक्षण करना था। अदाणी ग्रुप की ओर से प्रोजेक्ट मैनेजर अरविंद सिंह ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा हमेशा से सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। अभ्यास के बाद अधिकारियों ने विस्तृत समीक्षा की और भविष्य के लिए आवश्यक सुधारों पर चर्चा की। इस प्रकार के नियमित अभ्यास यह सुनिश्चित करते हैं कि किसी भी वास्तविक आपात स्थिति में जान-माल की हानि को कम से कम किया जा सके।

"भ्रष्टाचार पर कार्रवाई..." सुल्तानपुर में गरजे Sanjay Singh, राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर उठाए सवाल!

शेयर करना
Exit mobile version