चुनावी माहौल में पश्चिम बंगाल में एक डॉक्टर का अनोखा ऑफर सियासत का मुद्दा बन गया है। जय श्री राम बोलने पर 500 रुपये की छूट देने के ऐलान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। डॉक्टर के क्लिनिक में लगे पोस्टर और भाजपा से जुड़ी झलक ने इस मामले को चुनावी रंग दे दिया है, जिस पर टीएमसी और भाजपा आमने-सामने आ गई हैं।

डॉक्टर के पोस्टर से शुरू हुआ विवाद

पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच एक डॉक्टर के अनोखे ऑफर ने सियासी बहस छेड़ दी है। एक निजी क्लिनिक चलाने वाले इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट पीके हाजरा ने अपने क्लिनिक में पोस्टर लगाकर घोषणा की है कि जो मरीज जय श्री राम बोलेगा, उसे परामर्श शुल्क में 500 रुपये की छूट दी जाएगी। पोस्टर में डॉक्टर की तस्वीर के साथ भाजपा का दुपट्टा भी दिखाई दे रहा है, जिसके बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया।

डॉक्टर बोले—यह मेरा निजी फैसला, बदलाव की इच्छा

डॉ. हाजरा का कहना है कि यह उनका निजी फैसला है और इसका मकसद राज्य में बदलाव का संदेश देना है। उन्होंने बताया कि यह छूट केवल उनके निजी चेंबर में लागू होगी, किसी अस्पताल में नहीं। उन्होंने कहा कि बंगाल के कई मरीज इलाज के लिए दूसरे राज्यों में जाते हैं, जिससे उन्हें दुख होता है। इसी वजह से उन्होंने इस तरह का संदेश देने का तरीका अपनाया है।

टिकट न मिलने के बाद अपनाया यह तरीका

डॉ. हाजरा ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि पश्चिम मेदिनीपुर की पिंगला सीट से उन्हें चुनाव टिकट मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने इस तरह का ऑफर देकर लोगों तक अपना संदेश पहुंचाने की कोशिश की। उन्होंने साफ किया कि वह सीधे तौर पर किसी पार्टी से जुड़े नहीं हैं, लेकिन भाजपा शासित राज्यों के विकास से प्रभावित हैं।

टीएमसी ने बताया राजनीतिक चाल

तृणमूल कांग्रेस के नेता निर्मल माजी ने इस कदम को राजनीतिक रणनीति बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टर भाजपा की नजरों में अच्छा बनने की कोशिश कर रहे हैं और अपनी छवि सुधारना चाहते हैं। माजी ने कहा कि ऐसे कदमों से चुनावी नतीजों पर कोई असर नहीं पड़ेगा और जनता तृणमूल कांग्रेस के साथ है।

भाजपा ने किया समर्थन

वहीं भाजपा के राज्यसभा सांसद राहुल सिन्हा ने डॉक्टर के इस फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यह एक सकारात्मक पहल है और इससे अन्य लोग भी प्रेरित हो सकते हैं।

चुनावी माहौल में बढ़ी हलचल

पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। ऐसे में इस तरह के विवादित ऑफर ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है और राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

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