देश के कई अहम राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों के बाद अब एग्जिट पोल के नतीजे सामने आ चुके हैं। इन आंकड़ों ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है और अलग-अलग राज्यों में सत्ता के समीकरणों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि एग्जिट पोल केवल अनुमान होते हैं और वास्तविक नतीजे मतगणना के बाद ही सामने आते हैं। सभी राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे, जिसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जनता ने किसे सत्ता की बागडोर सौंपी है।

सबसे ज्यादा चर्चा पश्चिम बंगाल को लेकर हो रही है, जहां दो चरणों में मतदान संपन्न हुआ। 294 सीटों वाली इस विधानसभा में बहुमत के लिए 148 सीटों की आवश्यकता होती है। एग्जिट पोल के अलग-अलग आंकड़े यहां बेहद दिलचस्प तस्वीर पेश कर रहे हैं। कुछ सर्वेक्षणों में भारतीय जनता पार्टी को बढ़त मिलती दिखाई गई है, जबकि कुछ में तृणमूल कांग्रेस मजबूत स्थिति में नजर आ रही है। वहीं एक सर्वे में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलने का दावा भी किया गया है। इससे साफ है कि बंगाल में मुकाबला बेहद कड़ा है और अंतिम नतीजे चौंकाने वाले हो सकते हैं। प्रजा पोल का एग्जिट पोल के मुताबिक बंगाल में बीजेपी सरकार का अनुमान बीजेपी को 193 सीटों का अनुमान हैं, TMC को 100 सीटों का अनुमान हैं, और अन्य को 1 सीट का अनुमान दिया हैं।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यहां वोटिंग पैटर्न और क्षेत्रीय समीकरण परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं।

वहीं, असम की बात करें तो यहां एक चरण में मतदान हुआ और एग्जिट पोल के आंकड़े अपेक्षाकृत एकतरफा नजर आते हैं। अधिकांश सर्वेक्षणों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को स्पष्ट बढ़त दिखाई गई है। अनुमान के मुताबिक, भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन बहुमत के आंकड़े से काफी आगे रह सकता है। वहीं कांग्रेस गठबंधन को अपेक्षाकृत कम सीटें मिलने का अनुमान है। इससे संकेत मिलते हैं कि असम में मौजूदा सरकार को दोबारा मौका मिल सकता है। असम में Axis My India का एग्जिट पोल के मुताबिक असम में फिर NDA सरकार का अनुमान हैं, NDA को 88-100 सीटों का अनुमान हैं, कांग्रेस को 24 से 36 सीटों का अनुमान हैं। हालांकि, अंतिम तस्वीर मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगी।

बात करें, केरल में चुनावी मुकाबला हमेशा की तरह दिलचस्प बना हुआ है। यहां मुख्य रूप से लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के बीच सीधी टक्कर है। एग्जिट पोल के मुताबिक, इस बार यूडीएफ को बढ़त मिलने की संभावना जताई जा रही है, जबकि एलडीएफ थोड़ा पीछे दिखाई दे रहा है। एक्सिस माई इंडिया एग्ज़िट पोल में एलडीएफ़ को 49-62, यूडीएफ़ को 78-90 और बीजेपी गठबंधन को 0-3 सीटें दी गई हैं। भारतीय जनता पार्टी यहां सीमित दायरे में ही नजर आ रही है। यह संकेत देता है कि केरल में सत्ता परिवर्तन हो सकता है, लेकिन यह पूरी तरह से मतगणना के नतीजों पर निर्भर करेगा।

तमिलनाडु की राजनीति भी इस बार खासा रोचक बनी हुई है। 234 सीटों वाली इस विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है। एग्जिट पोल के अलग-अलग आंकड़े यहां भी अलग-अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं। कुछ सर्वेक्षणों में डीएमके गठबंधन को बढ़त दिखाई गई है, जबकि कुछ में एआईएडीएमके गठबंधन को बेहतर स्थिति में बताया गया है। वहीं कुछ सर्वे में तीसरे मोर्चे के उभरने की संभावना जताई गई है, जिससे राज्य की राजनीति में नया मोड़ आ सकता है। बता दें, चाणक्य स्ट्रेटेजीज़ एग्ज़िट पोल में डीएमके गठबंधन को 145-160, एआईएडीएमके गठबंधन को 50-65, टीवीके को शून्य और अन्य को 18-26 सीटें दी गई हैं। यह स्पष्ट है कि तमिलनाडु में भी मुकाबला दिलचस्प और बहुकोणीय बना हुआ है।

पुडुचेरी की बात करें तो यहां भी चुनावी तस्वीर कम रोचक नहीं है। 30 सीटों वाली इस विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 16 है। एग्जिट पोल के अनुसार, यहां भाजपा गठबंधन को बढ़त मिलने का अनुमान है, जबकि कांग्रेस गठबंधन पीछे नजर आ रहा है। एक्सिस माई इंडिया एग्ज़िट पोल में बीजेपी गठबंधन को 16-20, कांग्रेस गठबंधन को 6-8 और अन्य को 3-7 सीटें मिलने का अनुमान है। हालांकि, छोटे राज्यों में अक्सर नतीजे अप्रत्याशित भी हो सकते हैं, इसलिए अंतिम परिणाम का इंतजार जरूरी है।

कुल मिलाकर, इन एग्जिट पोल्स ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। कहीं सत्ता परिवर्तन के संकेत हैं तो कहीं मौजूदा सरकार की वापसी के अनुमान लगाए जा रहे हैं। हालांकि, यह भी सच है कि एग्जिट पोल हमेशा सही साबित नहीं होते और कई बार वास्तविक परिणाम इनसे अलग भी हो सकते हैं। इसलिए सभी की निगाहें अब 4 मई पर टिकी हैं, जब मतगणना के बाद असली तस्वीर सामने आएगी और यह तय होगा कि किस राज्य में किस दल को जनता ने अपना समर्थन दिया है।

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