पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव एक बार फिर सुर्खियों में है, जहां यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। केंद्र सरकार द्वारा उन्हें दक्षिण 24 परगना जिले का पुलिस ऑब्जर्वर नियुक्त किए जाने के बाद से विपक्षी दलों में नाराजगी देखने को मिल रही है।

अजय पाल शर्मा के कार्यकाल से जुड़े कई सख्त कार्रवाई वाले वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं, जिसके बाद टीएमसी समेत पूरा विपक्ष उनके खिलाफ मोर्चा खोल चुका है। विपक्ष की ओर से मांग की जा रही है कि उन्हें बंगाल से तत्काल हटाया जाए।

इस मामले को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की गई है, जिसमें जल्द सुनवाई की अपील की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अजय पाल शर्मा निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहे हैं और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि वे उम्मीदवारों को धमकाने, दबाव बनाने और डराने जैसे आरोपों में घिरे हुए हैं।

आईपीएस अजय पाल शर्मा 2011 बैच के यूपी कैडर के वरिष्ठ अधिकारी हैं और यूपी में तैनाती के दौरान कई बड़े सुरक्षा अभियानों का नेतृत्व कर चुके हैं।

वहीं, टीएमसी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से भी उन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अखिलेश यादव ने दावा किया है कि भाजपा चुनाव को प्रभावित करने के लिए अपने एजेंट तैनात कर रही है और मतदाताओं को डराने की कोशिश की जा रही है।

गौरतलब है कि 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में दूसरे और अंतिम चरण का मतदान हो रहा है, जबकि 4 मई को अन्य राज्यों के साथ चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। इससे पहले ही इस विवाद ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।

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