सहारनपुर। कांग्रेस जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद इमरान मसूद ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों से युवाओं का भविष्य अंधकार में जा रहा है, लेकिन सरकार इन गंभीर मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए है।
इमरान मसूद ने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं के नाम पर युवाओं से भारी शुल्क वसूला जा रहा है और करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, इसके बावजूद परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं की मेहनत और उम्मीदों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
लखनऊ कोचिंग सेंटर हादसे का जिक्र करते हुए सांसद ने कहा कि अवैध रूप से संचालित संस्थानों पर सरकार की कोई प्रभावी निगरानी नहीं है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही के कारण मासूम बच्चों की जान जा रही है, लेकिन जिम्मेदारों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।
उन्होंने कोचिंग संस्थानों की व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर भी गंभीर सवाल उठाए। इमरान मसूद ने कहा कि सरकार को ऐसे संस्थानों की जांच कर सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू कराना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
सांसद ने बेरोजगारी के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले आठ वर्षों से बेरोजगारी के आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं, क्योंकि सरकार युवाओं को रोजगार देने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि लाखों पढ़े-लिखे युवा नौकरी की तलाश में भटक रहे हैं और सरकार के पास उनके लिए कोई ठोस योजना नहीं है।
इमरान मसूद ने मांग की कि सरकार निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा व्यवस्था लागू करे, पेपर लीक मामलों पर सख्त कार्रवाई करे और युवाओं के रोजगार को लेकर गंभीर कदम उठाए।













