डेस्क : पश्चिम बंगाल में चुनाव ममता दीदी हार गई लेकिन उत्तर प्रदेश की सियासत में विपक्षी दल सतर्क हो गए है और पुराने चुनाव के आंकड़े और दस्तावेज खंगाले गए और वोट चोरी को हथियार बनाकर फिर से भारतीय जनता पार्टी,उसकी सरकार और चुनाव आयोग पर हमले शुरू हो गए
बंगाल के नतीजों का यूपी पर असर
पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ( Akhilesh Yadav ) ने तृणमूल कांग्रेस ( TMC ) की हार पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग ( Election Commission ) की भूमिका पर निशाना साधा है उन्होंने 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव के आंकड़े सामने रखते हुए वोटों में गड़बड़ी का आरोप लगाया, सपा मुखिया ने ऐसे कई उदाहरण दिए जहां बेहद कम अंतर से 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार हार गए थे और यह अंतर उतना ही था जितना की मतदाता सूची से नाम काटे गए थे अब अखिलेश का आरोप है कि जिन लोगों के नाम काटे गए वह यादव और मुस्लिम में जाति से आते थे और वह सब समाजवादी पार्टी के समर्थक थे
वोट कटने के आरोप और सबूत में डेटा पेश
अखिलेश यादव का दावा है कि 2022 से ही कुछ वर्गों के वोट काटे जाने की शिकायतें लगातार मिलती रही हैं लेकिन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्क्रीन पर आंकड़े दिखाकर यह बताने की कोशिश की कि उपचुनावों में भी वोटों की डकैती हुई उनका कहना है कि इसी वजह से कई सीटों पर नतीजे प्रभावित हुए, अखिलेश ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले वोट चोरी का खुलासा किया था हलफनामे के साथ चुनाव आयोग में शिकायत भी दर्ज कराई थी लेकिन चुनाव आयोग ने कोई एक्शन नहीं लिया
सुप्रीम कोर्ट से दखल की मांग
बंगाल के नतीजों को लेकर अखिलेश यादव ने सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की है उन्होंने मतगणना के सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने और एग्जिट पोल की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए उनका दावा है कि एग्जिट पोल का इस्तेमाल माहौल बनाने के लिए किया जाता है साथ ही उन्होंने कहा कि पीडीए अब राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा बन चुका है और 2027 में विपक्ष बड़ी जीत दर्ज करेगा
ममता से अखिलेश की मुलाकात के मायने
दरअसल अखिलेश यादव पश्चिम बंगाल के चुनाव में एक बार भी ममता बनर्जी के समर्थन में रैली या जनसभा करने नहीं गए लेकिन अब जबकि ममता बनर्जी चुनाव हार चुकी है तब अखिलेश यादव उनसे मिलने पश्चिम बंगाल जा रहे हैं माना जा रहा है कि वह वोट चोरी के आंकड़े और उससे संबंधित दस्तावेज ममता बनर्जी को सौंपेंगे यानी जो बात और राहुल गांधी के कहते रहे हैं उसे अब ममता बनर्जी भी दोहरा रही है और अब अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद इस बात की उम्मीद है कि शायद विपक्ष लाभ बंद होकर इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी की घेराबंदी करें
बीजेपी का पलटवार
भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि यह हार की हताशा में लगाए गए आरोप हैं बीजेपी ने सवाल उठाया कि अगर वोटों में गड़बड़ी हुई होती तो अन्य राज्यों में पार्टी कैसे हारती और विपक्षी दल कैसे जीतते
सहयोगी दलों ने भी घेरा
बीजेपी के सहयोगी दलों ने भी अखिलेश यादव के बयानों पर आपत्ति जताई है उनका कहना है कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना गलत है और विपक्ष हार को स्वीकार करने के बजाय आरोपों का सहारा ले रहा है












