प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने प्रसिद्ध कार्यक्रम “मन की बात” के दौरान देशवासियों को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत के विकास में विज्ञान, ऊर्जा और रोजगार के अवसरों के महत्व पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने हमेशा विज्ञान को प्रगति और विकास से जोड़ा है, और यह विचार देश के हर क्षेत्र में व्याप्त है।
प्रधानमंत्री ने सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम के प्रभावों को भी साझा किया, जिसमें कृषि क्षेत्र को मिलने वाले लाभ का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “हम विकसित भारत के संकल्प को लेकर आगे बढ़ रहे हैं, और इसमें विज्ञान और तकनीकी प्रगति अहम भूमिका निभा रहे हैं।”
पीएम मोदी ने रोजगार सृजन और ऊर्जा के क्षेत्र में होने वाली सकारात्मक बदलावों पर भी प्रकाश डाला। “एनर्जी सेक्टर को बहुत लाभ मिल रहा है, और इसके साथ ही हमें बिजली बचाने की दिशा में काम करना होगा,” उन्होंने कहा। प्रधानमंत्री ने सौर ऊर्जा को भारत के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, “सौर ऊर्जा भारत के भविष्य को नई दिशा दे रही है।”
वहीं पवन ऊर्जा (विंड पावर) का भी उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “पवन शक्ति भारत को आगे बढ़ा रही है और यह ऊर्जा का एक स्थिर और पुनर्नवीनीकरण स्रोत है।” पीएम मोदी ने देशभर में बन रहे एनर्जी पार्कों के बारे में भी बताया, जो आने वाले समय में ऊर्जा संकट को सुलझाने में मदद करेंगे।
अंत में प्रधानमंत्री ने दुनिया में शांति की आवश्यकता पर भी जोर दिया और कहा कि “दुनिया में शांति की बहुत आवश्यकता है, और भारत इसका मार्गदर्शन करेगा।”
इस संबोधन से यह स्पष्ट हो गया कि पीएम मोदी भारतीय विज्ञान, ऊर्जा, और तकनीकी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो देश के समग्र विकास में सहायक साबित होंगे।



