नई दिल्ली। ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस साल ब्रिक्स अपने 20 साल पूरे कर रहा है। 2006 में जब इस समूह की शुरुआत हुई थी तो इसमें सिर्फ चार देश थे, लेकिन आज ब्रिक्स और ब्रिक्स पार्टनर्स मिलाकर 21 देशों का एक बड़ा परिवार बन चुका है।
ब्रिक्स की अर्थव्यवस्था दोगुनी रफ्तार से बढ़ी
पीएम मोदी ने बताया कि ब्रिक्स देश आज दुनिया की 50 प्रतिशत आबादी, 40 प्रतिशत GDP और 25 प्रतिशत से ज्यादा व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि इन वर्षों में जहां वैश्विक GDP करीब 1.5 गुना बढ़ी है, वहीं ब्रिक्स देशों की कुल GDP लगभग 4.5 गुना बढ़ी है। यानी ब्रिक्स की आर्थिक ताकत दुनिया की तुलना में लगभग दोगुनी रफ्तार से आगे बढ़ी है। पीएम ने कहा कि ब्रिक्स देश वैश्विक नवाचार और समाधान के अहम केंद्र बनते जा रहे हैं और जमीनी स्तर से लेकर अत्याधुनिक तकनीक तक इन देशों में नई संभावनाएं आकार ले रही हैं। भारत में आयोजित यह फोरम अब तक का सबसे बड़ा ब्रिक्स बिजनेस फोरम है।
नेविगेशन की आजादी का पक्का समर्थक है भारत
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक व्यापार तभी आगे बढ़ सकता है जब समुद्री रास्ते सुरक्षित हों, आपूर्ति मार्ग खुले हों और समुद्री यात्री सुरक्षित रहें। इसलिए भारत नेविगेशन की आजादी और समुद्री यात्रियों की सुरक्षा का पक्का समर्थक है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स विमेंस विंग्स बिजनेस अलायंस भी हमारे विजन का अहम हिस्सा है और हम चाहते हैं कि महिला उद्यमी देश की विकास यात्रा का नेतृत्व करें।
भारत आर्थिक पुल बना रहा है
पीएम मोदी ने कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण है। पिछले 12 वर्षों में भारत ने इसी मंत्र को अपनी आर्थिक और व्यापार नीतियों का आधार बनाया है। उन्होंने कहा कि भारत ने ऊर्जा से लेकर तकनीक तक आपूर्ति शृंखला को और ज्यादा विविध और भरोसेमंद बनाया है, जिसकी वजह से वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी भारत आज विकास और स्थिरता का भरोसा दे रहा है। जब दुनिया में व्यापार बाधाएं बढ़ रही हैं, तब भारत आर्थिक पुल बना रहा है। 2014 के बाद से भारत ने दुनिया के करीब 40 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं और ब्रिक्स में भी हमारी कोशिश बाधाएं कम करने तथा व्यापार के नए अवसर बढ़ाने की है।



