उत्तर भारत में भीषण गर्मी और उमस के बीच अचानक मौसम ने खतरनाक करवट ले ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, पूरे NCR (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों के लिए बेहद गंभीर ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, एक बेहद ताकतवर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के सक्रिय होने के कारण अगले कुछ घंटों में इस पूरे इलाके में विनाशकारी आंधी-तूफान, ओलावृष्टि (हैलस्टॉर्म) और मूसलाधार बारिश होने की प्रबल आशंका है।
दिल्ली: दिल्ली NCR के लिए मौसम विभाग का अलर्ट
➡️अगले 3 घंटे में तेज आंधी-तूफान की चेतावनी
➡️70 से 90 KM/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं
➡️कई जगहों पर 100 किमी/घंटा तक चल सकती है हवाएं
➡️भारी बारिश की संभावना, ओलावृष्टि को लेकर अलर्ट
➡️बिजली गिरने की भी जताई गई आशंका… pic.twitter.com/3DSkUJiVvS— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) June 11, 2026
इस चेतावनी में सबसे डराने वाली बात हवा की रफ्तार है। मौसम विभाग का अनुमान है कि तूफान के दौरान धूल भरी आंधी और चक्रवाती हवाओं की गति 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार को भी छू सकती है। इतनी तेज हवाएं कमजोर ढांचों, पेड़ों, बिजली के खंभों और साइनबोर्ड्स को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसके साथ ही कई इलाकों में बड़े आकार के ओले गिरने और आसमान से बिजली कड़कने (लाइटनिंग) की भी चेतावनी दी गई है।
प्रशासन मुस्तैद, लोगों को घरों में रहने की सलाह
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, बागपत, हापुड़, शामली, मुजफ्फरनगर और बुलंदशहर जैसे जिलों में भी इसका सीधा असर देखने को मिलेगा। अचानक आने वाले इस तूफान को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है।
प्रशासन ने आम जनता के लिए गाइडलाइन जारी करते हुए अपील की है कि वे इस दौरान बेहद जरूरी न होने पर घरों से बाहर न निकलें। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि तूफान शुरू होने पर वे अपनी गाड़ियां पेड़ों, भारी वाहनों और होर्डिंग्स के नीचे कतई पार्क न करें। भारी बारिश और ओलावृष्टि के कारण विजिबिलिटी (दृश्यता) शून्य हो सकती है, जिससे यातायात व्यवस्था और हवाई उड़ानों पर भी असर पड़ने की संभावना है।



