प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। कोडीन कफ सिरप माफिया केस की सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट में जो हुआ, उसने न्यायिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि फैसला आने से पहले सीधे तौर पर जज तक पहुंचने और न्यायपालिका को प्रभावित करने की गंभीर साजिश रची गई थी।

इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अदालत ने इसे “न्यायालय के इतिहास का ब्लैक डे” करार दिया। जज ने खुली अदालत में स्पष्ट शब्दों में कहा कि न्यायपालिका पर असर डालने की किसी भी कोशिश को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निष्पक्षता और न्याय की शुचिता बनाए रखने के लिए संबंधित जज ने खुद को इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई से अलग कर लिया है। अब इस मामले की पूरी फाइल मुख्य न्यायाधीश को भेज दी गई है, और जमानत पर फैसले से पहले नई बेंच का गठन किया जाएगा।

इस पूरे प्रकरण का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि इस अवैध रैकेट का मुख्य मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल अभी भी कानून की पकड़ से दूर है। खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह दुबई में बैठकर ऐश की जिंदगी बिता रहा है और वहीं से सिस्टम पर दबाव बनाने के हथकंडे अपना रहा है। हालांकि प्रवर्तन निदेशालय और पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन माफिया की पहुंच और जांच की धीमी रफ्तार ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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