नई दिल्ली: भारतीय शतरंज के युवा सितारे आर प्रग्गनानंद (R Praggnanandhaa) ने वैश्विक पटल पर इतिहास रचते हुए एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया है। प्रग्गनानंद प्रतिष्ठित नॉर्वे चेस टूर्नामेंट (Norway Chess Tournament) जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। शतरंज की दुनिया में इस टूर्नामेंट को धीरज, बुद्धि और स्वभाव (Mental Temperament) की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। शतरंज के इस सबसे बड़े और प्रतिष्ठित मंच पर दुनिया के धुरंधर और सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को मात देकर प्रग्गनानंद ने यह ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है। इस बड़ी जीत के बाद पूरे देश में जश्न का माहौल है और सोशल मीडिया पर प्रग्ग के लिए बधाइयों का तांता लग गया है।

निडर, फोकस्ड और पूरी तरह से भारतीय !

प्रग्गनानंद की इस जीत को जो चीज़ सबसे अनोखा और खास बनाती है, वह है उनका बोर्ड पर खेलने का आक्रामक और बेबाक अंदाज़। टूर्नामेंट के दौरान खेल के प्रति उनका जोश, अटूट फोकस और निडरता साफ दिखाई दी। उनके खेल के इसी अंदाज़ को सराहते हुए प्रशंसकों और दिग्गजों ने कहा कि प्रग्ग का यह रवैया ‘पूरी तरह से भारतीय’ और दुनिया को चुनौती देने वाला है।

दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को दी शिकस्त

नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में दुनिया के टॉप-रेटेड खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं, जहां मानसिक दबाव अपने चरम पर होता है। प्रग्गनानंद ने न केवल इस दबाव को झेला, बल्कि अपनी रणनीतिक सूझबूझ से विपक्षी खिलाड़ियों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। उनकी यह खिताबी जीत यह साबित करती है कि भारतीय शतरंज का भविष्य न सिर्फ सुरक्षित है, बल्कि अब वह दुनिया पर राज करने के लिए तैयार है।

इस ऐतिहासिक पल पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर खेल जगत से लेकर राजनीतिक गलियारों तक, हर कोई प्रग्ग की इस ऐतिहासिक छलांग को सलाम कर रहा है।

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