देवरिया। जिले के गौरीबाजार क्षेत्र में शुक्रवार देर रात रेलवे ट्रैक पर पिता और पुत्र के शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतकों की पहचान कस्बे के उद्योग नगर वार्ड नंबर-2 निवासी 60 वर्षीय श्रवण जायसवाल और उनके 28 वर्षीय बेटे राकेश जायसवाल के रूप में हुई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस घटना ने जायसवाल परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया, क्योंकि तीन महीने पहले ही परिवार ने अपने बड़े बेटे को एक सड़क हादसे में खोया था।

घटना का पूरा घटनाक्रम

श्रवण जायसवाल रामलक्षन चौराहे पर रेडीमेड कपड़ों की दुकान चलाते थे। परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार शाम दुकान बंद करने के बाद वह अपने बेटे राकेश के साथ बाइक से चौरीचौरा कपड़े खरीदने गए थे। रात करीब साढ़े दस बजे दोनों ने परिजनों से फोन पर बात की और बताया कि वे खरीदारी कर वापस लौट रहे हैं, लेकिन इसके कुछ देर बाद ही दोनों का मोबाइल फोन बंद हो गया।

कैसे मिले शव?

देर रात पुलिस ने परिजनों को सूचना दी कि गौरीबाजार स्थित बुजुर्ग पेट्रोल पंप के पास रेलवे ट्रैक पर दो शव पड़े मिले हैं। मौके पर पहुंचे परिजनों ने श्रवण और राकेश की पहचान की। दोनों के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत अवस्था में ट्रैक पर पड़े थे। घटनास्थल से कुछ दूरी पर उनकी बाइक, कपड़ों का झोला, पर्स और मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं।

क्या कह रही पुलिस?

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि यह कोई रेलवे दुर्घटना है या इसके पीछे कोई और वजह है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के असली कारणों का पता लगाया जाएगा।

तीन महीने पहले ही खोया था बड़ा बेटा

जायसवाल परिवार पर पहले से ही गहरा सदमा था। श्रवण जायसवाल के बड़े बेटे श्वेतांक उर्फ रवि जायसवाल की 7 मार्च को गौरीबाजार-देवरिया मार्ग पर कटाई के पास सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। वह भी परिवार के कपड़ों के कारोबार से ही जुड़ा था। लगातार दो बड़ी त्रासदियों के बाद अब परिवार में श्रवण जायसवाल की वृद्ध मां गुड्डी देवी और बेटी पूजा ही बची हैं। घटना के बाद से पूरे परिवार और इलाके में मातम पसरा हुआ है।

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