उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से दिवाली के पावन पर्व से ठीक पहले राज्य कर्मचारियों के लिए बहुत बड़ी और खुशखबरी वाली खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने राज्य के लाखों अराजपत्रित (Non-Gazetted) कर्मचारियों को बड़ा तोहफा देते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 30 दिन के तदर्थ बोनस (Ad-hoc Bonus) की मंजूरी दे दी है। वित्त विभाग द्वारा इस संबंध में आधिकारिक शासनादेश भी जारी कर दिया गया है, जिससे सरकारी महकमों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
सरकार द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार, इस बोनस का लाभ राज्य सरकार के समस्त अराजपत्रित कर्मचारियों के साथ-साथ राज्य निधि से सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों के पात्र कर्मचारियों को मिलेगा। बोनस की गणना के लिए अधिकतम सीमा तय की गई है। घोषित व्यवस्था के तहत, प्रत्येक पात्र कर्मचारी को मिलने वाले कुल बोनस की 25 प्रतिशत राशि का भुगतान नकद किया जाएगा, जबकि शेष 75 प्रतिशत बोनस की राशि संबंधित कर्मचारी के भविष्य निधि (PF) खाते में जमा की जाएगी।
योगी सरकार ने नियमित कर्मचारियों के साथ-साथ निचले स्तर पर काम करने वाले दैनिक वेतनभोगी (Daily Wagers) कर्मचारियों का भी विशेष ध्यान रखा है। नीति के अनुसार, ऐसे दैनिक वेतनभोगी जिन्होंने बीते तीन वित्तीय वर्षों में हर साल कम से कम 240 दिन कार्य किया है, वे भी इस बोनस के हकदार होंगे। दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को अधिकतम 1,184 रुपये तक का बोनस प्रदान किया जाएगा, जो सीधे उनके खातों में भेजा जाएगा।
त्योहारों के ऐन मौके पर बोनस मिलने से न केवल लाखों कर्मचारियों के परिवारों का दिवाली का बजट मजबूत होगा, बल्कि बाजार में भी खरीदारी की रौनक बढ़ेगी। कर्मचारी संगठनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री का धन्यवाद जताया है। सरकार के इस कदम से स्पष्ट है कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों के कल्याण और उनके आर्थिक सशक्तीकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।



