डिजिटल पेमेंट सेक्टर से जुड़ी बड़ी कंपनी पेटीएम को एक और बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) को पूरी तरह से बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को जानकारी दी कि नियमों का लगातार उल्लंघन करने के कारण बैंक का लाइसेंस पहले ही रद्द किया जा चुका था, और कोर्ट का यह निर्देश बैंक को बंद करने की प्रक्रिया का अंतिम चरण है।
अदालत के आदेश के अनुसार, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व चीफ जनरल मैनेजर गिरीकुमार एम. नायर को पेटीएम पेमेंट्स बैंक का ऑफिशियल लिक्विडेटर नियुक्त किया गया है। 8 जुलाई, 2026 से ही लिक्विडेटर ने बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की सभी शक्तियों को अपने हाथ में ले लिया है। अब बैंक के कामकाज और लिक्विडेशन से जुड़े तमाम फैसले उन्हीं की देखरेख में लिए जा रहे हैं।
RBI की कार्रवाई और लाइसेंस रद्द होने की वजह
यह पूरा मामला अप्रैल 2026 में आरबीआई द्वारा पेटीएम पेमेंट्स बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द किए जाने के बाद आगे बढ़ा है। उस दौरान केंद्रीय बैंक ने पाया था कि यह संस्थान लगातार रेगुलेटरी नियमों का पालन करने में विफल रहा है और इसके कामकाज जमाकर्ताओं के हितों के प्रतिकूल हैं। इसके बाद RBI ने बैंक के समापन के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था। हाई कोर्ट के इस ताजा आदेश के बाद अब बैंक के लिक्विडेशन की कानूनी प्रक्रिया औपचारिक रूप से आगे बढ़ रही है।
शेयर बाजार पर असर
इस बड़ी खबर के बीच पेटीएम की पैरेंट कंपनी ‘वन 97 कम्युनिकेशंस’ के शेयरों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। शेयर बाजार में कंपनी का शेयर 1,308 रुपये पर बंद हुआ, जिसमें 1.43% की हल्की तेजी दर्ज की गई। इस दौरान कंपनी का कुल मार्केट कैप ₹83,815 करोड़ दर्ज किया गया।














