धर्मशाला स्थित दलाई लामा के कार्यालय ने रविवार को सोशल मीडिया पर फैल रही उन खबरों को सख्ती से खारिज कर दिया, जिनमें तिब्बती आध्यात्मिक नेता को अमेरिका के दिवंगत वित्तीय कारोबारी और दोषी यौन अपराधी जेफ्री एप्स्टीन से जोड़ने की कोशिश की गई थी। कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, “हम स्पष्ट रूप से पुष्टि करते हैं कि धर्मगुरू दलाई लामा ने कभी जेफ्री एप्स्टीन से मुलाकात नहीं की और न ही उनकी ओर से किसी को ऐसी किसी बैठक या संपर्क की अनुमति दी है।”

दलाइ लामा के कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर भी बयान साझा करते हुए लिखा कि हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और पोस्ट्स तथाकथित ‘Epstein Files’ का हवाला देकर गलत तरीके से दलाइ लामा का नाम जोड़ रहे हैं।

गौरतलब है कि 31 जनवरी को अमेरिकी न्याय विभाग ने एप्स्टीन मामले से जुड़ी बड़ी मात्रा में जांच सामग्री सार्वजनिक की थी। इसमें तीन मिलियन से अधिक पन्नों के दस्तावेज, लगभग 2,000 वीडियो और करीब 1,80,000 तस्वीरें शामिल हैं। यह कदम पिछले वर्ष कांग्रेस द्वारा पारित Epstein Files Transparency Act के तहत उठाया गया, जिसका उद्देश्य जनता के सामने पूरी जानकारी लाना था।

न्याय विभाग के उप अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस प्रक्रिया में सैकड़ों वकीलों ने दस्तावेजों की समीक्षा की ताकि पीड़ितों की पहचान सुरक्षित रहे और चल रही जांच प्रभावित न हो।

इन सामग्रियों में एप्स्टीन के साथ बिल गेट्स, स्टीव बैनन, वुडी एलेन और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन जैसे कई चर्चित हस्तियों की तस्वीरें भी सामने आई हैं। हालांकि इनमें से किसी पर भी मामले से जुड़ा कोई आरोप नहीं लगाया गया है।

एप्स्टीन 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में आत्महत्या कर चुका था। इससे पहले 2008 में उसे नाबालिगों की तस्करी के मामले में विवादास्पद समझौते के तहत 13 महीने की सजा हुई थी

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