काठमांडू। तिब्बत से अचानक आए पानी के भयानक सैलाब ने पड़ोसी देश नेपाल में भारी तबाही मचा दी है। रसुवा जिले के तिमुरे और स्याफ्रुबेसी में फ्लैश फ्लड के बाद हाहाकार मचा हुआ है और सोशल मीडिया पर तबाही के डरावने वीडियो सामने आ रहे हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए पांच जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रधानमंत्री बालेन शाह के निर्देश पर सेना ने मोर्चा संभाल लिया है और उफनते पानी के बीच फंसी जिंदगियों को बचाने के लिए हेलीकॉप्टरों की मदद से युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

ग्लेशियर झील फटने से आई आफत

जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 9 बजे पानी का तेज बहाव भोटे कोशी नदी में आया और फिर त्रिशूली नदी होते हुए नुवाकोट की ओर बढ़ गया। जल विज्ञान के विशेषज्ञों का मानना है कि यह अचानक बहाव स्थानीय बारिश की वजह से नहीं, बल्कि तिब्बत में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी ग्लेशियर झील के फटने से हुआ है। नेपाल का जल विज्ञान और मौसम विभाग घटना के स्रोत का पता लगाने के लिए चीनी अधिकारियों से संपर्क करने के साथ ही सैटेलाइट डेटा की भी जांच कर रहा है।

उत्तरी रसुवा में सबसे ज्यादा तबाही

शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, सबसे अधिक नुकसान उत्तरी रसुवा में हुआ है, खासकर तिमुरे बाजार, तिमुरे कस्टम ऑफिस और स्याब्रुबेसी में। बाढ़ ने तीन पुलिस चौकियों, कई इमारतों और गाड़ियों को बहा दिया। प्रभावित इलाकों का काठमांडू से सड़क संपर्क भी टूट गया है। जिला प्रशासन जान-माल और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का विस्तृत आकलन कर रहा है।

इन जिलों में हाई अलर्ट

रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन में नदी किनारे बसे इलाकों के लिए हाई-रिस्क एडवाइजरी जारी की गई है। अनुमान है कि बुधवार शाम तक पानी का स्तर मुग्लिंग में मार्श्यांगडी नदी के संगम तक पहुंच सकता है। नेपाल आपदा प्रबंधन के अधिकारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षा उपाय करने और ऊंची जगहों पर चले जाने की सलाह दे रहे हैं।

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